Ajit Pawar Plane Crash News: महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का 28 जनवरी को निधन हो गया. बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया. इस हादसे में 66 वर्षीय अजित पवार समेत उनके सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर समेत 5 लोगों की मौत हो गई. अजित पवार के निधन पर तमाम नेताओं की प्रतिक्रिया आ रही है. इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी विधायक रविदास मेहरोत्रा की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि अहमदाबाद में विमान दुर्घटना में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की मौत हो गई थी. उसकी भी जांच में क्या रिपोर्ट आई, सरकार ने जनता को बताने का काम नहीं किया. अब महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री की मौत हो गई है. इसकी किसी वर्तमान न्यायाधीश से जांच कराई जाए कि ये घटना क्यों हुई है. इन दुर्घटनाओं के पीछे कहीं कोई साजिश तो नहीं है?
“कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए”
सपा विधायक ने आगे कहा कि भारतीय जनता पार्टी के जो लोग खिलाफ होते हैं, उन लोगों की जब मौत होती है तो ये एक साजिश मानी जाती है. तो ये आशंका है कि विजय रूपाणी के बाद अब अजित पवार की भी भाजपा सरकार ने साजिश करके ये घटना करवाई हो. इसकी जांच होनी चाहिए और इस जांच में कौन जिम्मेदार पाया गया है, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
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“अजित पवार भाजपा से नाराज़ हो गए थे”
रविदास मेहरोत्रा ने कहा कि महाराष्ट्र के 5 बार उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार और अन्य लोगों की विमान दुर्घटना में मौत हो गई है. यह सिस्टम की विफलता है. आशंका व्यक्त की जा रही है कि अजित पवार भाजपा से नाराज़ हो गए थे. बीएमसी के चुनाव में भी भाजपा से अलग चुनाव लड़ा था. इससे स्पष्ट हो गया है कि विमान दुर्घटना किसी साज़िश का परिणाम हो सकती है. इसलिए इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए. विमान की तकनीकी जांच कब हुई, विमान को उड़ान की अनुमति किसने दी. इन सवालों से स्पष्ट होता है कि उनकी मौत के पीछे कोई साज़िश हो सकती है. सरकार की विफलता है कि विमान दुर्घटना में बार बार लोगों की मौत हो रही है. इसके लिए कौन ज़िम्मेदार है? ज़िम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए.
“सरकार दोषी और ज़िम्मेदार है”
उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले शरद पवार और अजित पवार की मीटिंग हुई थी. अजित पवार भाजपा गठबंधन छोड़कर फिर से इंडिया गठबंधन में आना चाहते थे. यह खबर लीक हो गई. उसके बाद यह बड़ी विमान दुर्घटना हो गई जिसमें अजित पवार की मृत्यु हो गई है. आशंका हो रही है कि यह बड़ी साज़िश का हिस्सा है. जब उपमुख्यमंत्री या मुख्यमंत्री जहाज़ से उड़ान भरते हैं तो पहले जहाज़ की तकनीकी जांच होनी चाहिए है. हादसे के बाद जांच हो कि उड़ान भरने की अनुमति किसने दी? पहले भी कई विमान दुर्घटनाएं हुई हैं, सरकार ने जांच का ऐलान किया लेकिन जांच का कोई परिणाम नहीं आया. इससे स्पष्ट हो रहा है कि यह सरकार और सिस्टम की विफलता है. इसके लिए पूर्ण रूप से सरकार दोषी और ज़िम्मेदार है.



