SIR Controversy: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने SIR के खिलाफ मुहिम को तेज कर दिया है. केंद्र में सत्ताधारी बीजेपी के खिलाफ ममता बनर्जी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को फिर से पत्र लिखा है. जिसमें उन्होंने SIR को तत्काल प्रभाव से रोकने की मांग की है. साथ ही SIR प्रक्रिया में अनियमितताओं, प्रशासनिक खामियों और लोगों के मताधिकार छिन जाने की आशंका जताई है.
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि चुनाव आयोग जो कर रहा है, वह पूरी तरह से गैर-कानूनी और अलोकतांत्रिक है. चुनाव आयोग BJP IT सेल के साथ मिलकर काम कर रहा है, लोगों को परेशान कर रहा है और SIR सुनवाई के नाम पर बुजुर्ग लोगों को बुला रहा है.
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“कभी वो CM बन जाती हैं कभी आम आदमी“
वहीं CM ममता बनर्जी के SIR मामले में चुनाव आयोग के खिलाफ “एक आम नागरिक” के तौर पर सुप्रीम कोर्ट जाने पर, BJP विधायक अग्निमित्रा पॉल की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि यह बहुत दिलचस्प है कि कभी वह CM बन जाती हैं और कभी आम आदमी. जब आयुष्मान भारत सभी राज्यों को दिया गया था, और बंगाल के हर व्यक्ति को इसका फायदा होता, तो उन्होंने इसकी इजाज़त नहीं दी.
“डुप्लीकेट वोटरों के नाम हटा दिए“
अग्निमित्रा पॉल ने आगे कहा कि आज, जब उनके वोट बैंक, रोहिंग्या और बांग्लादेश से आए घुसपैठियों, मरे हुए वोटरों, शिफ्ट हुए वोटरों, डुप्लीकेट वोटरों के नाम चुनाव आयोग ने हटा दिए हैं, तो वह हमारे पैसे, हमारे टैक्सपेयर्स के पैसे का इस्तेमाल करके सुप्रीम कोर्ट जाना चाहती हैं, जो वह पिछले 15 सालों से कर रही हैं, सुप्रीम कोर्ट जाकर टॉप-लेवल के वकीलों को हायर कर रही हैं. आप चुनौती क्यों दे रही हैं? क्या आप नहीं चाहतीं कि इन अवैध घुसपैठियों के नाम, जो बंगाल में रह रहे हैं, हटा दिए जाएं?
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