Shah Rukh Khan: बॉलीवुड एक्टर व कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के मालिक शाहरुख खान ने बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान को अपनी टीम में जगह देकर विवाद खड़ा कर दिया है. उनके खिलाफ विरोध लगातार तेज होता जा रहा है. पूर्व बीजेपी विधायक संगीत सोम के साथ-साथ अब संत महात्मा और कथावाचक भी उनका विरोध कर रहे हैं. संगीत सोम ने शाहरुख खान पर गद्दार होने का आरोप लगाया है. साथ ही कहा कि उन्हें भारत में रहने का हक नहीं है. वहीं जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने भी बांग्लादेशी खिलाड़ी मुस्तफिजुर रहमान कोलकाता नाइट राइडर्स में शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है.
“देश की भावनाओं को आहत करने वाला“
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शाहरुख खान के फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया. साथ ही कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए यह फैसला देश की भावनाओं को आहत करने वाला है. उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे समय में भारतीय टीम में वहां के खिलाड़ी को लेना गलत है. साथ ही कहा कि भारत सरकार को इन घटनाओं पर सख्त रुख अपनाना चाहिए और बांग्लादेश को उसके इतिहास की याद दिलानी चाहिए.
“जनता चाहे तो उनकी पहचान छीन सकती“
कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने भी शाहरुख खान के फैसले पर सवाल खड़े किए हैं. उन्होंने कहा कि जब बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा हो रही हो, तब के खिलाड़ी को अपनी टीम में शामिल करना देश की भावना के खिलाफ है. भारत की जनता ने ही शाहरुख खान को पहचान दिलाई है और जनता चाहे तो उनकी पहचान छीन भी सकती है.
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“खिलाड़ियों को आवाज उठानी चाहिए“
बागेश्वर धाम के पीठाधीशश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने की भी इस मामले पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो घटनाएं हो रही है, वो हिंदुत्व के खिलाफ हैं. हिंदुओं की रक्षा के लिए वहां के खिलाड़ियों को आवाज उठानी चाहिए. वहां के लोगों को और BCCI को इसे समझना चाहिए.
“सौदा इंसानियत को शर्मसार करने वाला“
उनके अलावा अलीगढ़ के शाही चीफ मौलाना चौधरी इफराहीन हुसैन ने भी इस फैसले की आलोचना की है. उन्होंने कहा कि किसी भी खेल या व्यापारिक निर्णय को नैतिकता के पैमाने पर परखा जाना चाहिए. उनके अनुसार यह सौदा इंसानियत को शर्मसार करने वाला है.



