SCO Summit : किर्गिस्तान के बिश्केक में एससीओ समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की अचानक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने हाथ मिलाया और कुछ देर बातचीत की। दोनों के बीच अलग से द्विपक्षीय बैठक पहले से तय नहीं थी। इस दौरान रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन भी दोनों नेताओं के साथ नजर आए।
SCO समिट में पीएम मोदी संबोधन
एससीओ समिट में अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ एकजुट कार्रवाई की जरूरत बताई। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मौजूदगी में उन्होंने कहा कि आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरा रवैया नहीं होना चाहिए। उन्होंने आतंकवाद के पूरे तंत्र को खत्म करने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि सिर्फ आतंकियों को पकड़ना या मारना काफी नहीं है। उन्हें पैसा कौन देता है, भर्ती कैसे होती है और कहां छिपते हैं, इस पूरे नेटवर्क को खत्म करना होगा।
आतंकवाद पर सब देश एक साथ रहें – कुछ देशों के लिए आतंकवाद गलत और कुछ के लिए सही नहीं हो सकता। सभी को आतंकवाद के खिलाफ एक जैसी सख्त नीति अपनानी होगी।
जंग का समाधान बातचीत से निकले- पश्चिम एशिया में जंग का असर दूर-दूर तक पहुंचता है। देशों के बीच विवाद होने पर युद्ध करने के बजाय बातचीत और कूटनीति से रास्ता निकालना चाहिए।
एससीओ संस्कृति और विचारों को जोड़ने का मंच- मोदी ने कहा कि भारत के लिए एससीओ अलग-अलग देशों की सभ्यता, संस्कृति और विचारों को जोड़ने वाला मंच भी है।
पुतिन ने सेकेंड वर्ल्ड वॉर की याद दिलाई
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने द्वितीय विश्व युद्ध शुरू होने के 87 साल पूरे होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि ऐसी वैश्विक उकसावे वाली घटनाएं नहीं होनी चाहिए, जो नए युद्ध को जन्म दें। पुतिन ने कहा कि देशों को मिलकर काम करना होगा, ताकि दुनिया में नए संघर्षों को भड़कने से रोका जा सके। उन्होंने कहा कि मौजूदा सहयोग और प्रयास इस लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे।
“SCO अब दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन”
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन की शुरुआत कुछ देशों के छोटे संगठन के तौर पर हुई थी, लेकिन अब यह दुनिया का सबसे बड़ा क्षेत्रीय संगठन बन गया है। पुतिन के मुताबिक, एससीओ के सदस्य देशों में दुनिया की करीब आधी आबादी रहती है और ये देश दुनिया की कुल जीडीपी के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करते हैं।
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