Weapons : अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग में इस्तेमाल हथियार अमृतसर से लाए गए थे। पुलिस के मुताबिक, हरियाणा के सोनीपत के कुणाल और सुमित ने लॉरेंस गैंग के मेंबर अनिल पंडित के निर्देश पर एक पिस्टल और 20 कारतूस जुटाए। इसके बाद उत्तर प्रदेश की राधा और बबीता नाम की दो महिलाओं ने इन्हें मुंबई तक पहुंचाया। दिल्ली पुलिस ने कुणाल, सुमित, राधा और बबीता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, हथियार जुटाने और उन्हें शूटरों तक पहुंचाने में चारों का रोल था। इससे पहले पुलिस ने फायरिंग के आरोपियों बिहार के ऋतिक और हरियाणा के रेहान और फूल सिंह को कोटा से गिरफ्तार किया था।
अमृतसर से मुंबई तक हथियार सप्लाई की साजिश
कुणाल जेल से बाहर आने के बाद अनिल पंडित के संपर्क में आया- मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, कुणाल जुलाई में सोनीपत जेल से बाहर आया था। इसके बाद एक दोस्त ने उसकी मुलाकात लॉरेंस गैंग के मेंबर अनिल पंडित से कराई। दोनों एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप के जरिए बातचीत करने लगे। पुलिस को शक है कि अनिल विदेश में रहकर अपने नेटवर्क के लोगों को निर्देश दे रहा था। करीब दो हफ्ते पहले अनिल ने कुणाल को अमृतसर से हथियार जुटाकर मुंबई पहुंचाने की जिम्मेदारी दी। कुणाल ने इस काम में सुमित को साथ लिया।
अमृतसर में ‘डेड लेटर बॉक्स’ से उठाए हथियार
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, कुणाल और सुमित अमृतसर पहुंचे। वहां एक तय जगह पर एक पिस्टल और 20 कारतूस रखे थे, जहां से उन्होंमने उसे कलेक्ट किया। लेकिन हथियार किसने रखे, यह कुणाल और सुमित को नहीं बताया गया। इस तरीके को ‘डेड लेटर बॉक्स’ कहा जाता है। इसमें सामान किसी तय जगह पर छोड़ दिया जाता है, जहां से दूसरा व्यक्ति उसे उठा लेता है। इस तरह दोनों को सीधे मिलने की जरूरत नहीं होती और पहचान का भी खुलासा नहीं होता। सूत्रों का कहना है कि कुणाल और सुमित को हथियार लाने के लिए अनिल पंडित ने 70 से 80 हजार रुपए दिए थे। इसमें से करीब 10 से 12 हजार रुपए राधा और बबीता को दिए गए।
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