Ajit Pawar Plane Crash Probe: महाराष्ट्र के उप मुख्यमंत्री अजित पवार की एक विमान हादसे में मौत के बाद एक बार फिर चर्चाओं का नया दौर शुरू हो गया है. जिसकी वजह है अजित पवार के भतीजे और विधायक रोहित पवार की ओर से लगाए गए आरोप हैं. उन्होंने अजित पवार की मौत की साजिश की आशंका जताई है. उन्होंने कहा कि उन्हें एयरलाइन कंपनी वीएसआर, बुकिंग संभालने वाली कंपनी एरो और पायलट सुमित कपूर पर संदेह है. हालांकि उन्होंने यह भी साफ तौर पर कहा कि डीजीसीए और सरकार के खिलाफ उनका कोई आरोप नहीं है. रोहित पवार के आरोपों पर शिवसेना(UBT) नेता संजय राउत की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि रोहित पवार उस परिवार के सदस्य हैं, उन्हें तकनीकी मामलों की समझ है. जिस तरह के रहस्यमयी तथ्य अजीत पवार के हादसे के बारे में सामने आ रहे हैं वह बहुत गंभीर है.
“सरकार की मंशा ठीक नहीं है”
संजय राउत ने आगे कहा कि ब्लैक बॉक्स जल गया. ब्लैक बॉक्स 20 साल बाद भी मिले हैं लेकिन अजित पवार की फ्लाइट का ब्लैक बॉक्स जल गया. ऐसा कैसे हो सकता है? अगर रोहित पवार ने यह मुद्दा लाया है तो यह गंभीर मुद्दा है और पवार परिवार इसकी जांच करना चाहता है तो करना चाहिए. इस मामले में सरकार की मंशा ठीक नहीं है.
यह भी पढ़ें: जाते जाते भी मोहम्मद यूनुस छेड़ गए सेवन सिस्टर्स का राग, भारत पहले भी जता चुका है विरोध
75 स्कूलों को अल्पसंख्यक का दर्जा मिला
वहीं दूसरी तरफ महाराष्ट्र में 28 से 31 जनवरी 2026 के बीच 75 शैक्षणिक संस्थानों को अल्पसंख्यक दर्जा दिए जाने के मामले पर भी सवाल उठ रहे हैं. आपको बता दें कि यह वही अवधि थी जब अजित पवार के निधन के राज्य में तीन दिन का राजकीय शोक घोषित हुआ था. जिस दिन अजित पवार का निधन हुआ उस दिन 7 संस्थानों को स्वीकृति मिली और अगले तीन दिन में यह संख्या बढ़कर 75 हो गई. उस समय अजित पवार अल्पसंख्यक विकास विभाग का कार्यभार संभाल रहे थे. अब यह विभाग सुनेत्रा पवार के अधीन है, जिन्होंने हाल ही में डिप्टी सीएम की शपथ ली है. विपक्ष की तरफ से सवाल खड़े किए जाने पर मुख्यमंत्री ने निर्देश जारी किया है कि इस अवधि के दौरान जारी की गई सभी स्वीकृतियों, अनुदानों और प्रमाणपत्रों को व्यापक समीक्षा लंबित रहने तक रोक दिया जाए.



