Sambit Patra: भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद व राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने आज मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम ने कभी यूपीआई का मजाक उड़ाया था लेकिन आज उसके आंकड़े पूरी दुनिया के सामने है. आज यूपीआई ने 10 साल पूरे कर लिए हैं. 10 साल पहले जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने UPI के बारे में बताया था तो कांग्रेस ने मजाक उड़ाया था और आज मैं उसी मुखौटे को उतार रहा हूं. आज UPI का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम क्या है? ये 13 हजार फोल्ड टाइम्स बढ़ा है. 2017 में UPI शुरू हुआ और 2016-17 में कितना ट्रांजैक्शन हुआ? तब UPI के माध्यम से 1.78 करोड़ रुपए का ट्रांजैक्शन हुआ और अब 2025-26 में UPI से 24 हजार 162 करोड़ का ट्रांजैक्शन हुआ. अम्मा जो सब्जी बेचने के लिए बैठती हैं, वो राहुल गांधी से ज्यादा समझदार हैं. ये जो गांधी परिवार के राजवंश हैं, उनसे बहुत ज्यादा समझदार जनता है.
“यह हमारे उत्पादन का सपना है”
वहीं संबित पात्रा ने कहा कि हमारी पहली धारा निर्माण क्षमता है. किस तरह से देश की निर्माण क्षमता को बढ़ाया जाए, किस तरह से एक मज़बूत घरेलू मूल्य श्रृंखला बनाया जाए, किस तरह से भारत में संपूर्ण रूपे से उत्पादन हो, किस प्रकार से ज़ीरो डिफ़ेक्ट प्रोडक्ट भारत में बनाए जाए, किस प्रकार सटीक विनिर्माण भारत में हो, कैसे बहुत ज़्यादा प्रतिस्पर्धी फ़ैक्टरी भारत में बने और कैसे बेहतरीन क्वालिटी का प्रोडक्ट भारत में हो. कई देशों के सामान भारत में आते हैं मगर वो बेहतरीन क्वालिटी के नहीं होते हैं. उनकी गारंटी नहीं होती है. कई देशों के प्रोडक्ट ऐसे होते हैं मगर हम सटीक और प्रतिस्पर्धी बनना चाहते हैं और हम आपको चलने वाले प्रोडक्ट देना चाहते हैं. यह हमारे उत्पादन का सपना है.
“मोबाइल फोन निर्यात 2 लाख करोड़ का हुआ”
उन्होंने कहा कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्माण और उत्पादन 2014-15 में 1.9 लाख करोड़ था और 2024-25 में बढ़कर 12 लाख करोड़ हुआ, यह 6 गुना बढ़ा. मोबाइल प्रोडक्शन पहले कितना था? 2014 से पहले 18 हजार करोड़ था. यह हमारे कार्यकाल में बढ़कर 5.45 लाख करोड़ हुआ. यह 28 गुना बढ़ा है. मोबाइल फोन निर्यात पहले कितना था? पहले 1500 करोड़ का निर्यात होता था, हमारे समय में 2 लाख करोड़ का हुआ. मोबाइल फोन उत्पाद में भारत का ग्लोबल पावर रैंक पहले कम था जो बढ़ा और अब भारत दूसरे नंबर पर है. 2013-14 में हॉर्टीकल्चर प्रोडक्शन 280.7 मिलियन टन था. वो 2024-25 में बढ़कर 367.7 मिलियन टन हुआ.
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