Republic Day 2026: 77वें गणतंत्र दिवस की परेड संपन्न हो गई है. परेड के दौरान कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना की दहाड़ सुनने को मिली. गणतंत्र दिवस परेड में टी-90 टैंक की झलक भी दिखाई दी. जिसे भारतीय सेना ने भीष्म नाम दिया है. कर्तव्य पथ पर यूरोपिय संघ का दल भी परेड में शामिल हुआ. यूरोपीय संघ (EU) के सैन्य दल का नेतृत्व कर्नल फ्रेडरिक साइमन स्प्रुइट ने किया, जो यूरोपीय संघ मिलिट्री स्टाफ (EUMS) के डायरेक्टर जनरल की ओर से एक सेरेमोनियल जिप्सी में सवार दिखाई दिए. उन्होंने भारत की राष्ट्रपति को कर्तव्य पथ पर सलामी दी. गणतंत्र दिवस समारोह में पहली बार दो मुख्य अतिथि, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन भी शामिल हुई.
21 तोपों की सलामी दी गई
77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने तिरंगा फहराया. इस दौरान राष्ट्रगान हुआ और उन्हें 21 तोपों की सलामी दी गई. 90 मिनट की परेड के दौरान अलग-अलग मंत्रालयों की करीब 30 चुनीं हुई झांकियां दिखाई गई. परेड में तीनों सेनाओं ने अपनी ताकत दिखाई. सेनाओं ने मिसाइलें, युद्धक विमान, नई बटालियन और ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस्तेमाल घातक सिस्टम का प्रदर्शन किया. इसमें ब्रह्रोस और आकाश वेपन सिस्टम, रॉकेट लॉन्चर, मेन बैटल टैंक अर्जुन और स्वदेशी मिलिट्री प्लेटफार्मों और हाईवेयर की सीरीज शामिल थीं. पहली बार परेड में हाइपरसोनिक ग्लाइड मिसाइल का प्रदर्शन भी हुआ.
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77वें गणतंत्र दिवस की फ्लाईपास्ट में पांच बेस से ऑपरेट होने वाले 29 एयरक्राफ्ट शामिल हुए, जिनमें 16 फाइटर, 4 ट्रांसपोर्ट और 9 हेलीकॉप्टर थे. अर्जन फॉर्मेशन ने इस शानदार शो की शुरुआत की, जिसमें एक C-130J सबसे आगे था और उसके दोनों तरफ दो C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट ‘विक’ फॉर्मेशन में थे. भारतीय वायु सेना ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में फ्लाईपास्ट के दौरान ‘सिंदूर फॉर्मेशन’ दिखाया, जिसमें दो राफेल जेट, दो सुखोई विमान और दो मिग-29 फाइटर शामिल थे.
किस प्रदेश की झांकी में क्या दिखा?
पुडुचेरी की झांकी में जीवंत सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक शिल्प कौशल और ऑरोविले के विश्व प्रसिद्ध विजन को दिखाया गया.
पश्चिम बंगाल की झांकी ‘स्वतंत्रता का मंत्र-वंदे मातरम’ थीम पर आधारित रही.
दिल्ली गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने 77वें गणतंत्र दिवस परेड में एक झांकी पेश की, जिसमें 2001 के भुज भूकंप और 25 साल की सहनशक्ति पर फोकस किया गया.
जम्मू-कश्मीर की झांकी में इस क्षेत्र की हस्तशिल्प और लोक नृत्यों की समृद्ध विरासत को दिखाया गया.
केरल की झांकी में दो बड़े बदलाव लाने वाली उपलब्धियों को दिखाया गया, भारत की पहली वॉटर मेट्रो और राज्य की 100% डिजिटल साक्षरता की उपलब्धि.
पंजाब की झांकी ने श्री गुरु तेग बहादुर जी की शहादत के 350वें वर्ष पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी.
नागालैंड की झांकी ने हॉर्नबिल फेस्टिवल को संस्कृति पर आधारित पर्यटन और समुदाय द्वारा संचालित आत्मनिर्भरता की एक जीवंत अभिव्यक्ति के रूप में पेश किया, जो भारत के पूर्वोत्तर में आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है.
उत्तर प्रदेश की झांकी ‘बुंदेलखंड की संस्कृति’ थीम पर आधारित उत्तर प्रदेश की झांकी पेश की गई.
गृह मंत्रालय की झांकी ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA), 2023 के ऐतिहासिक अधिनियम को प्रदर्शित किया. जो भारत के नए आपराधिक न्याय कानून 1 जुलाई 2024 को लागू हुए.
तमिलनाडु की झांकी में “समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत” थीम पर आधारित है, जिसमें प्राचीन सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक तकनीकी नेतृत्व का शानदार संगम दिखाया गया.
गुजरात की झांकी ने भीकाजी कामा को श्रद्धांजलि दी, जिन्होंने क्रांतिकारी श्यामजी कृष्ण वर्मा और सरदार सिंह राणा के साथ मिलकर भारत की आज़ादी का संदेश विदेशों तक पहुंचाया था. यह झांकी ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ की भी याद दिलाती है.
असम की झांकी में आत्मनिर्भर भारत थीम वाले धुबरी जिले के अशारीकांडी गांव को दिखाया गया, जो पारंपरिक असमिया टेराकोटा शिल्पकारों का देश का सबसे बड़ा और प्रसिद्ध केंद्र है.



