Ayatollah Ali Khamenei Death: ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की इजरायल और अमेरिका के मिसाइल अटैक में मौत हो गई है. ईरान की तरफ से इस खबर की पुष्टि की गई है. ऐसे में दुनियाभर में शिया मुस्लिमों का गुस्सा इजरायल और अमेरिका के प्रति फूट पड़ा है. भारत में भी इसका असर देखा जा रहा है. जम्मू-कश्मीर से लेकर लखनऊ तक शिया समुदाय के लोग सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं. श्रीनगर में कश्मीरी शिया मुसलमानों ने खामेनेई की हत्या के खिलाफ लाल चौक पर प्रदर्शन किया. शिया कम्युनिटी के लीडर सैयद समर काज़मी ने रामबन में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि यह पहली बार नहीं है जब हमने कोई लीडर खोया है, लेकिन हम अपने अजीम लीडर की मौत को नहीं भूलेंगे. हम अपनी पीढ़ियों को बताएंगे कि कैसे अमेरिका और इज़राइल ने धोखे से हमारे लीडर को मारा. मुसलमानों का एक हिस्सा हमेशा प्यारे लीडर के रास्ते पर रहा है और हमेशा कहा है कि हम हमेशा दबे-कुचले लोगों के लिए आवाज़ उठाएंगे.
काज़मी ने आगे कहा कि उन्हें(खामेनेई) सिर्फ इसलिए मारा गया क्योंकि उन्होंने फ़िलिस्तीन में हो रही हत्याओं के लिए आवाज़ उठाई थी, जबकि दुनिया चुप थी.
“खामेनेई को धोखे से मारा है”
वहीं अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के विरोध में शिया मुसलमान लखनऊ में सड़कों पर उतरे. एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि जिनके खून में गद्दारी है, उन्होंने खामेनेई को धोखे से मारा है. अगर एक खामेनेई मारा गया, तो हज़ार खामेनेई उठ खड़े होंगे. इज़राइल और अमेरिका धोखेबाज़ हैं.
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“खून-खराबा, नफरत और दहशतगर्दी फैला रहे हैं”
शिया धार्मिक नेता मौलाना सैफ अब्बास ने कहा कि कल इज़राइल और अमेरिका ने जो हमला किया, उसे टेररिस्ट अटैक कहा जा रहा है. आज इसने पूरी खाड़ी को जंग में झोंक दिया है, और आप सब खाड़ी में हालात देख रहे हैं. दुनिया को समझना चाहिए कि अमेरिका और इज़राइल कैसे पूरी दुनिया में खून-खराबा, नफरत और दहशतगर्दी फैला रहे हैं. खामेनेई किसी एक देश के लीडर नहीं थे, बल्कि हर दबे-कुचले इंसान, हर मुसलमान और हर इंसान के लीडर थे. कोई नहीं जानता कि यह चल रहा झगड़ा कहां ले जाएगा. लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि ईरान जीतेगा.



