PM Modi in Somnath: देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सोमनाथ मंदिर का दौरा किया. उन्होंने 72 घंटे तक चलने वाले ‘ओम’ मंत्रोच्चार और कार्यक्रम के दौरान दिखाए गए ड्रोन शो में भी हिस्सा लिया. प्रधानमंत्री ने सोमनाथ मंदिर में पूजा के दौरान शिवलिंग पर जल चढ़ाया और फूल अर्पित कर पंतामृत से अभिषेक किया. उन्होंने मंदिर में करीब 30 मिनट तक पूजा अर्चना की. इसके बाद पीएम मोदी ने पुजारियों और स्थानीय कलाकारों से मुलाकात की. उससे पहले पीएम ने शंख सर्किल पर शौर्य यात्रा निकाली. उन्होंने एक किलोमीटर लंबी यात्रा के दौरान डमरू भी बजाया.
शौर्य यात्रा’ में गुजरात पुलिस के 108 घोड़े भी पहुंचे
बता दें कि पीएम मोदी शनिवार को सोमनाथ मंदिर पहुंचे थे. सोमनाथ मंदिर पर साल 1026 में हुए पहले आक्रमण के हजार साल पूरे होने पर सोमनाथ स्वाभिमान पर्व मनाया जा रहा है. गौरतलब है कि पिछली शताब्दियों में सोमनाथ मंदिर को कई बार नष्ट करने के प्रयास हुए, लेकिन आज भी यह मंदिर आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना हुआ है. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व उन वीरों की याद में है जिन्होंने मंदिर की रक्षा के लिए बलिदान दिया और भारतीय सांस्कृतिक चेतना को जीवित रखा. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर हमीरजी गोहिल की मूर्ति पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने 1299 ईस्वी में ज़फर खान के हमले से सोमनाथ मंदिर की रक्षा करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी थी. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व 8 से 11 जनवरी तक मनाया जा रहा है. ‘शौर्य यात्रा‘ में हिस्सा लेने के लिए गुजरात पुलिस के 108 घोड़े पहुंचे.
मुख्यमंत्री-उपमुख्यमंत्री ने PM मोदी का अभिनंदन किया
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के दौरान मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने सोमनाथ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत व अभिनंदन किया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि सोमनाथ कोई साधारण मंदिर नहीं है, यह वह चुनौती है जो भारत की आत्मा ने आक्रमणकारियों को दी है. 11वीं शताब्दी में मोहम्मद ग़ज़नवी यहां लूट की नीयत से आया था, उसे लगा था कि अगर आस्था टूटेगी तो भारत टूट जाएगा लेकिन आज यह दृश्य गवाह है कि ग़ज़नवी बिखर गया सोमनाथ आज भी अजेय है, अटूट है.
यह भी पढ़ें: ईरान में अमेरिका का दखल, ट्रंप ने कहा, खामेनेई सरकार से आजादी दिलाने में मदद को तैयार हैं
“अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है“
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह समय अद्भुत है, यह वातावरण अद्भुत है, यह उत्सव अद्भुत है. एक ओर स्वयं महादेव दूसरी ओर समुद्र की विशाल लहरें, सूर्य की किरणें, मंत्रों की यह गूंज, आस्था का यह उफान और इस दिव्य वातावरण में भगवान सोमनाथ के आप सब भक्तों की उपस्थिति यह इस अवसर को दिव्य, भव्य बना रही है. मैं अपना सौभाग्य मानता हूं कि सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मुझे सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में सक्रिय सेवा का अवसर मिला है. उन्होंने कहा कि इस आयोजन में गर्व, गरिमा, गौरव है. इसमें गरिमा का ज्ञान, वैभव की विरासत, अध्यात्म की अनुभूति है. इसमें अनुभव है, आनंद है, आत्मीयता है और सबसे बढ़कर महादेव का आशीर्वाद है.



