PM Modi : पीएम मोदी ने युवाओं के मोबाइल पर अधिक व्यस्तता और ओलंपिक खेलों की तैयारी को लेकर कहा है कि युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा प्लेग्राउंड की जरुरत है। हमें आगामी ओलांपिक खेलों की तैयारी करनी है। 2036 ओलंपिक के लिए अभी से खिलाड़ी तैयार करें. पीएम ने गुरुवार को 1,500 से ज्यादा जगहों पर युवाओं और खिलाड़ियों से वर्चुअल संवाद किया। उन्होंने कहा कि ओलंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही। ओलंपिक में भागीदारी बढ़ानी होगी। पीएम ने कहा- मैं हमेशा कहता हूं- जो खेले, वो खिले। आज युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए।
खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, पीएम के साथ’
यह कार्यक्रम खेल मंत्रालय के ‘खेलो इंडिया संवाद-खेल की बात, पीएम के साथ’ अभियान के तहत आयोजित किया गया। इसका मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना है। कार्यक्रम में भारतीय ओलिंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा के अलावा मौजूदा और पूर्व खिलाड़ी समेत अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता भी शामिल हुए। इनमें मनिका बत्रा, दीपा करमाकर, साइना नेहवाल, गगन नारंग, श्रीजेश, मैरी कॉम, बाइचुंग भूटिया, पुलेला गोपीचंद, अंजू बॉबी जॉर्ज, कर्णम मल्लेश्वरी और मीराबाई चानू शामिल हैं।
पीएम मोदी ने खेलों पर दिए 6 मंत्र
नेशनल स्पोर्ट्स डे और मेजर ध्यानचंद पर पीएम मोदी ने कहा – 29 अगस्त को नेशनल स्पोर्ट्स डे मनाया जाता है। यह महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को याद करने का दिन है। करीब 100 साल पहले भारतीय सेना की हॉकी टीम न्यूजीलैंड गई थी, जिसमें ध्यानचंद भी शामिल थे। भारत-न्यूजीलैंड संबंधों को आज और मजबूत किया जा रहा है।
ओलंपिक में नए खेलों पर कहा – देश के हर जिले में खेल प्रतिभाएं हैं। ओलिंपिक के 20 से ज्यादा खेलों में भारत की भागीदारी नहीं रही है, जबकि दूसरे देश मेडल जीत रहे हैं। भारत को नए खेलों में भी आगे बढ़ना होगा। लंबी समुद्री तटरेखा के बावजूद सर्फिंग में भारत अभी पीछे है।
खेलो इंडिया संवाद पर कहा – सरकार मजबूत स्पोर्ट्स इकोसिस्टम बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। खेलो इंडिया संवाद में युवा खेल, गवर्नेंस और विकसित भारत पर सुझाव दे सकेंगे। उनके विचार देश को आगे बढ़ाएंगे।
स्पोर्ट्समैन स्पिरिट पर कहा – स्वस्थ समाज और मजबूत परिवार के लिए स्पोर्ट्समैन स्पिरिट जरूरी है। खेल हमें चौंपियन के साथ बेहतर प्रतियोगी बनना सिखाते हैं। पैरा एथलीट्स की सफलता समाज और परिवारों में नई उम्मीद जगाती है।
शीतल और अवनी लेखरा की उपलब्धि पर कहा – शीतल के आर्चरी मेडल और अवनी लेखरा के दो मेडल ने जम्मू-कश्मीर और देश को गौरवान्वित किया। झंडू कुमार समेत कई पैरा एथलीट प्रेरणा दे रहे हैं। फौजा सिंह ने 100 साल की उम्र के बाद भी फिटनेस की मिसाल पेश की।
स्क्रीन से ज्यादा खेल जरूरी- युवाओं को स्क्रीन से ज्यादा स्पोर्ट्स सेंटर और प्लेग्राउंड चाहिए। हर युवा की भागीदारी भारत की ताकत है। नई तकनीक से खेलों में बदलाव आ रहा है और साइकोलॉजी व न्यूट्रिशन जैसे क्षेत्रों में नए करियर बन रहे हैं। पीएम ने युवाओं से नए अवसर अपनाने और खेलों पर नए विचार देने की अपील की।
स्टेडियम ही नहीं लोगों की सोच भी बदली
दूसरी ओर खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि पीएम मोदी ने युवाओं को देश का उज्ज्वल भविष्य बताया है। 12 जनवरी को युवाओं के साथ समय बिताने का असर बजट में भी दिखा, जिसे वित्त मंत्री ने यूथ ड्रिवन बताया। उन्होने कहा कि आज सबसे बड़ा बदलाव स्टेडियम में नहीं, बल्कि लोगों की सोच में आया है। एक तरफ वे खिलाड़ी हैं, जिन्होंने तिरंगे को विश्व मंच तक पहुंचाया है। दूसरी तरफ वे खिलाड़ी हैं, जो तिरंगे को पोडियम तक पहुंचाने का सपना देख रहे हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडलिस्ट से मिल चुके हैं मोदी
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी 9 अगस्त को कॉमनवेल्थ गेम्स में मेडल जीतने वाले भारतीय खिलाड़ियों से मिले थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मुलाकात की रील भी इंस्टाग्राम पर शेयर की थी। इस बार खिलाड़ियों और युवाओं के साथ संवाद वर्चुअल होगा।
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