Prambanan Temple : इंडोनेशिया में वहां के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मिलकर बुधवार को प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्वार परियोजना का उद्घाटन किया। प्रम्बानन मंदिर इंडोनेशिया का सबसे बडा शिव मंदिर है जो योग्याकार्ता में स्थित है। पीएम मोदी ने मंदिर में दर्शन भी किए। उन्होंने मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।
प्रम्बानन मंदिर एक हजार साल पुराना, दीवारों पर रामायण लिखी
बता दें कि इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। पहले स्थान पर कंबोडिया का अंगकोर वाट है। प्रम्बानन मंदिर एक हजार साल पुराना है। इसका परिसर कभी करीब 240 मंदिरों में फैला था। यहां त्रिमूर्ति- भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा के तीन मुख्य मंदिर हैं। इनमें 47 मीटर ऊंचा शिव मंदिर सबसे बड़ा है। मंदिर की दीवारों पर रामायण और अन्य हिंदू ग्रंथों की कहानियां उकेरी गई हैं।
पीएम बोले- 2029 में जीर्णाेद्धार पूरा होने पर फिर आऊंगा
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में चले जाइए, वहां भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रम्बानन दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय विरासत की दूसरी सबसे बड़ी पहचान है। यहां भगवान शिव, मां दुर्गा और भगवान गणेश की प्रतिमाएं हैं और सदियों से पूजा होती आ रही है। पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो ने उनसे 2029 तक मंदिर के जीर्णाेद्धार का काम पूरा करने का वादा लिया है और वह भी वादा करते हैं कि जीर्णाेद्धार पूरा होने के बाद दोबारा इंडोनेशिया आकर इसका जश्न मनाएंगे। उन्होंने इंडोनेशिया के लोगों और शासकों का इस सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखने के लिए आभार भी जताया।
भगवान शिव से जुड़ने का सौभाग्य हमेशा मिला
पीएम ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण-जीर्णाेद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा- मेरा सौभाग्य रहा है कि किसी न किसी रूप में मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा- मेरा जन्म वडनगर में हुआ, जहां हाटकेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर है। गुजरात में मुझे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के विकास की जिम्मेदारी मिली। मेरी राजनीतिक कर्मभूमि काशी है, जहां काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद हमेशा मिला। पीएम ने आगे कहा- मुझे केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और उज्जैन के महाकाल मंदिर के विकास से जुड़ने का अवसर भी मिला। अब करीब 1000-1200 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश से जुड़ा है, उसके जीर्णाेद्धार कार्य की शुरुआत से जुड़ना भी मेरे लिए बड़ा सौभाग्य है। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूं।
यह भी पढ़ें : इस साल कब शुरू होगी कांवड़ यात्रा? कब है सावन शिवरात्रि, कब होगा जलाभिषेक
यह भी देखें: न्याय की आस टूटी! दीपक खारवाल की पत्नी करिश्मा ने किया सुसा*इड अटेम्प्ट। KBP Times



