VB-G RAM G: लोकसभा में विपक्ष के नेता व कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज (22 जनवरी) को जवाहर भवन में राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन में हिस्सा लिया. इस दौरान अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि ये चाहते हैं कि संविधान और लोकतंत्र को खत्म करो और आजादी से पहले का हिंदुस्तान जहां पर एक व्यक्ति सब कुछ निर्णय लेता था और जो भी वो करना चाहता था वो करता था वैसा ही हिंदुस्तान ये (भाजपा) फिर से लाना चाहते हैं. इनको रोकने का एक ही तरीका है अगर हम सब एक साथ हो जाए क्योंकि ये डरपोक लोग हैं तो आप मनरेगा नाम देना चाहते हैं या कोई और नाम देना चाहते हैं तो आप ही निर्णय लेंगे कि उस योजना का नाम क्या होगा और कैस बनेगी कहां तक चलेगी. हमारे में एक कमी है वो एकता की कमी है. अगर हम एक हो जाएंगे तो पीएम मोदी पीछे हट जाएंगे और फिर से मनरेगा चालू हो जाएगा.
“सरकार को नया कानून लागू नहीं करने देना चाहिए”
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जब तक सरकार नया कानून वापस नहीं ले लेती और मनरेगा को बहाल नहीं कर देती, तब तक हम लड़ते रहेंगे. खरगे ने आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार का मनरेगा को निरस्त करना महात्मा गांधी के नाम को जनमानस से मिटाने का प्रयास है. उनकी पार्टी संसद के आगामी बजट सत्र में इस मद्दे को मजबूती से उठाएगी. उन्होंने कहा कि लोगों को एकजुट होना चाहिए और सरकार को नया कानून लागू नहीं करने देना चाहिए.
यह भी पढ़ें: रामलला प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ पर क्या बोले धर्मगुरु? कोदंड धनुष भी पहुंचा अयोध्या
“मनरेगा को बर्बाद नहीं होने देंगे”
कांग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कृषि मंत्री शिवराज सिंह को बलि का बकरा बनाया है. मनरेगा लाने वाली भी कांग्रेस थी और इसे बचाने वाली भी कांग्रेस है. हम मजदूरों के बीच में जाएंगे, प्रदर्शन करेंगे, मार्च करेंगे लेकिन मनरेगा को बर्बाद नहीं होने देंगे.
“देश में एक बहुत बड़ा संघर्ष होगा”
वहीं मनरेगा बचाओ मार्च पर कांग्रेस सांसद शशिकांत सेंथिल ने कहा कि हम इसे एक बड़ा संघर्ष बना रहे हैं. यह सिर्फ़ एक आंदोलन नहीं है, यह लंबे समय तक चलेगा. हम हर गांव से जुड़ रहे हैं और मनरेगा से जुड़े मज़दूरों को बुला रहे हैं और यह देश में एक बहुत बड़ा संघर्ष होगा. आज इसकी शुरुआत हुई है, जिसमें सिविल सोसाइटी के साथ बातचीत हो रही है. अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि केंद्र की बीजेपी सरकार ने एक बार फिर तानाशाही तरीके से, राज्य सरकारों, मनरेगा से जुड़े लोगों या मज़दूरों से सलाह लिए बिना, भारत में ग्रामीण रोज़गार के अधिकार पर हमला किया है.



