Swami Avimukteshwaranand Controversy: शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी का बयान का सामने आया है. उन्होंने कहा कि प्रयागराज में स्नान को लेकर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी का जो विवाद खड़ा हुआ, उस विवाद को अब थम जाना चाहिए और शंकराचार्य जी को भी अब अपनी नाराजगी दूर कर देनी चाहिए. वह धर्मगुरु है पूरे देश में उनका सम्मान है, उनके सम्मान को वहां की मेला अथॉरिटी ने नोटिस देकर ठेस पहुंचाई, तो उसे पर उन्होंने जवाब भी दे दिया और अब धर्मगुरु के नाते उनको माफ कर देना चाहिए.
मौलाना ने आगे कहा कि माफ करके नाराजगी, धरना प्रदर्शन खत्म करके उनको (शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद) अपने धार्मिक कार्यक्रमों में लग जाना चाहिए. योगी आदित्यनाथ , केशव प्रसाद मौर्य और लोग भी उनसे गुजारिश कर चुके हैं.
“कानून सबसे ऊपर है”
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने आगे कहा कि बहरहाल कानून सबसे ऊपर है और कानून की नज़र में न कोई छोटा है और न कोई बड़ा है. न कोई आम आदमी और न कोई खास आदमी. कानून की नज़र में सब लोग बराबर हैं. यह कानून की खूबी है और कानून इंसाफ देता है और इंसाफ की वजह से ही समाज का ताना-बाना बना हुआ है. इसलिए, शंकराचार्य को भी कानून का पालन करना चाहिए और कानून का ख्याल रखना चाहिए.
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“मेला अथॉरिटी का रवैया बहुत अफसोसनाक”
वहीं उन्होंने कहा कि मेला अथॉरिटी को एक धर्मगुरु शंकराचार्य को नोटिस भेजने की इजाज़त किसने दी? ये अधिकार किसी को नहीं है कि वो किसी भी धर्मगुरु की डिग्री मांगे, उनकी योग्यता के बारे में पूछे. इस संविधान ने किसी को भी इसकी इजाज़त नहीं दी है और मेला अथॉरिटी का यह रवैया बहुत अफसोसनाक है. मैं मेला अथॉरिटी से भी कहूंगा कि वे अपना नोटिस वापस ले लें और मैं शंकराचार्य से भी गुजारिश करूंगा कि वे अपनी नाराजगी दूर करें और धरना प्रदर्शन खत्म करके अपने धर्म-कर्म के काम में लग जाएं.



