Dhirendra Krishna Shastri:बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के जिस दिन तिरंगे में चांद आ गया उस दिन हिंदू नहीं बचेगा वाले बयान पर घमासान बढ़ता जा रहा है. ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी बरेलवी ने कहा कि जहां तक तिरंगे की बात कर रहे हैं कि जिस दिन तिरंगे में चांद लग जाएगा उस दिन कोई नहीं बचेगा, ये सारी बातें बहुसंख्यक समुदाय को भड़काने और उकसाने वाली है. मैं तो कहता हूं कि जिस दिन तिरंगे में चांद लग गया,तो चार चांद हो जाएंगे. उससे घबराने या भयभीत होने की कोई ज़रूरत नहीं है, बल्कि उसे खुशी मनाने की जरुरत है।
“धीरेंद्र शास्त्री सहनशीलता से काम लें”
मौलाना शहाबुद्दीन रज़वी ने आगे कहा कि पंडित धीरेंद्र शास्त्री सहनशीलता से काम लें और मुसलमानों के नस्ल या उनके औलादों पर हस्तक्षेप करने की कोशिश न करें. ये तो अल्लाह की नेमतों में से एक है. उन लोगों से दुख-दर्द पूछो जिनकी शादी के 10-15 साल भी बच्चे नही होते, वो धार्मिक स्थलों के चक्कर लगाते हैं फिर डॉक्टरों से इलाज कराते है, फिर जाकर बच्चे पैदा होते हैं. बरहाल उनका(धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री) का काम है धर्म का प्रचार-प्रसार करना न कि लोगों को उकसाना या भड़काना.
यह भी पढ़ें: नितिन नबीन के अध्यक्ष बनने पर BJP शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की आई प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा?
“मुसलमान हिंदुओं के साथ नहीं रहना चाहते थे”
वहीं विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने कहा कि मैं पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जो कहा है, उससे हम पूरी तरह सहमत हैं. इतिहास इस बात का साक्षी है जहां-जहां हिंदुओं की जनसंख्या कम हुई वहां-वहां हिंदुओं का खात्मा हुआ है. इस देश के बंटवारे का एक मात्र कारण था अखंड भारत के मुसलमान हिंदुओं के साथ नहीं रहना चाहते थे. हिंदुओं से धर्मान्तरित होकर मुस्लमानों की आबादी बढ़ गई. हिंदुओं की आबादी बढ़ गई. पहने हुए कपड़े में हिंदुओं को अपना अस्तित्व बचाने के लिए भागकर यहां आना पड़ा. कई हिंदुओं को अपने प्राण तक गंवाने पड़े. हिंदुओं की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं रहती, उनकी प्रोपर्टी छीन ली जाती है. ये हमने कश्मीर में भी देखा. ये सारे उदाहरण हमारे सामने हैं.



