JNU Slogan Row: JNU कैंपस में PM मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ हुई कथित नारेबाजी पर RJD सांसद मनोज झा की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि मैं स्पष्ट तौर पर एक बात कहूं तो हम सब आहत हुए थे. एक-दो बातें बहुत चिंताजनक हैं, किसी को बिना ट्रायल के इतने सालों तक जेल में कैसे रखा जा सकता है, ताकि इसे सहनशक्ति की आखिरी परीक्षा माना जाए, और तभी उनके संवैधानिक अधिकार एक्टिवेट हों?
उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत तौर पर मैं मुर्दाबाद के नारों का विरोधी हूं और इसलिए ऐसे नारों की एक सभ्य लोकतंत्र में कोई जगह नहीं है. लेकिन यह चयनात्मक गुस्सा क्या है? जब बिहार की लड़कियों के बारे में कुछ कहा गया, तो किसी ने कोई गुस्सा क्यों नहीं दिखाया? हमारे लोकतंत्र में यह अस्वस्थ होने वाले लक्षण है.
“देश की एकता, अखंडता सर्वोपरि है“
वहीं JNU कैंपस में नारेबाजी पर भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि देश को तोड़ने की साजिश रचने वालों की जमानत याचिका खारिज होना, यह स्वागत योग्य कदम है. देश की एकता, अखंडता सर्वोपरि है, उसके साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा.
यह भी पढ़ें: “छात्रों के भेस में नक्सली…” JNU में PM मोदी और शाह के खिलाफ नारेबाजी पर बोले शाहनवाज हुसैन
“नारेबाज़ी देश स्वीकार नहीं करेगा“
इसके अलावा मामले पर उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों की भी प्रतिक्रिया आई है. उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि JNU में वे भारत के पैसे से पढ़ते हैं और विदेशी मानसिकता रखते हैं, ऐसे लोगों से देश को सावधान रहना चाहिए. उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कुल मिलाकर इस देश की न्याय प्रक्रिया है, इस प्रकार की नारेबाज़ी देश स्वीकार नहीं करेगा.
वहीं मंत्री मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि JNU में हमेशा तमाम राष्ट्रविरोधी ताकतों ने सिर उठाया है, नारेबाजी की गई हैं. इन चीजों पर विराम लगना चाहिए. निश्चित रूप से भारत सरकार ने इसका संज्ञान लिया होगा और कार्रवाई भी की जाएगी.



