Mamata Banerjee: कलकत्ता हाईकोर्ट ने पश्चिम बंगाल की भवानीपुर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी की यचिका पर सुनवाई करते हुए मंगलवार को आदेश दिया है कि मतगणना से जुड़े सभी अहम सबूत सुरक्षित रखें जाएं। अदालत ने रिजल्ट में गड़बड़ी के आरोपों पर सुनवाई करते हुए कहा कि ईवीएम-वीवीपेट और सीसीटीवी फुटेज और अन्य संबंधित रिकॉर्ड संरक्षित रखे जाएं। बता दें कि भवानीपुर सीट पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। हाईकोर्ट जस्टिस गौरांग कांत ने मतगणना केंद्र बने शेखावाटी मेमोरियल स्कूल के अंदर और बाहर लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, जरूरत पड़ने पर इन सभी साक्ष्यों की जांच होगी। अदालत की अनुमति के बिना इन्हें न तो मिटाया जाएगा, न बदला जाएगा, न नष्ट किया जाएगा और न ही इनके साथ किसी तरह की छेड़छाड़ की जाएगी।
पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के आरोप
4 मई को बंगाल विधानसभा के रिजल्ट आए थे। ममता ने मतगणना के दिन आरोप लगाया कि राज्य की कई सीटों पर जानबूझकर मतगणना रोकी गई। भाजपा और चुनाव आयोग मिलकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ममता ने दावा किया कि केंद्रीय बलों और भाजपा के दबाव में काम हो रहा है। उसी दिन ममता ने आरोप लगाया कि मुझे धक्का दिया, मारा-पीटा। बता दें कि शेखावाटी मेमोरियल स्कूल में काउंटिंग सेंटर पर पहुंची थी। कुछ देर वहां रहने के बाद उन्होंने बाहर आकर कहा था कि उनके पोलिंग एजेंट को जबरन बाहर निकाला गया। ममता का आरोप था कि उन्हें धक्का दिया गया और मारा पीटा गया। साथ ही काउंटिंग सेंटर में प्रवेश नहीं करने दिया गया।
शुभेंदु अधिकारी ने कहा था- ममता ड्रामेबाजी कर रहीं
शुभेंदु अधिकारी ने ममता के आरोपों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि ममता ड्रामेबाजी कर रही हैं और इससे चुनाव परिणाम नहीं बदलने वाला। शुभेंदु ने कहा था कि ममता हार की आशंका से परेशान हैं और ईवीएम से जुड़े आरोप निराधार हैं। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भवानीपुर की हार को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती दी है. मंगलवार दोपहर ममता बनर्जी कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंची, इस दौरान उनके साथ सांसद डेरेक ओ ब्रायन, डोला सेना और कल्याण बनर्जी नजर आए. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ममता बनर्जी याचिका के दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने के लिए कोर्ट पहुंची थी. भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधी टक्कर थी.हालांकि इस सीट पर शुभेंदु अधिकारी ने जीत दर्ज की और ममता बनर्जी को हार का सामना करना पड़ा.
15104 वोटों से हार गई थी ममता बनर्जी
शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को 15104 वोटों से मात दी थी. ममता बनर्जी को 58812 वोट और शुभेंदु अधिकारी को 73917 वोट मिले थे. मतगणना के दौरान ममता बनर्जी 16-17 राउंड तक आगे रही थी. लेकिन मतगणना के आखिरी चरणों में शुभेंदु अधिकारी ने तगड़ी लीड लेते हुए 15104 वोटों से जीत हासिल की.
भवानीपुर सीट के नतीजे को हाईकोर्ट में चुनौती
भवानीपुर सीट पर वोटों की गिनती के दौरान आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा बलों को लेकर काफी हंगामा देखने को मिला था. जिसकी वजह दोपहर में कुछ समय के लिए सखावत मेमोरियल स्कूल में बने मतगणना केंद्र में वोटों की गिनती भी रोक दी गई थी. चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, चुनाव आयोग के अधिकारियों ने कहा कि मतगणना केंद्र में एक व्यक्ति मोबाइन लेकर पहुंच गया था, इस वजह से मतगणना को अस्थायी रूप से रोका गया और बाद में मतगणना को शुरू किया गया. ममता बनर्जी खुद मतगणना केंद्र पहुंची थी. उन्होंने आरोप लगाया कि उनके एजेंटों को मतगणना केंद्र के अंदर जाने से रोका गया. केंद्रीय बलों ने टीएमएसी के कार्यकर्ताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया, सीसीटीवी बंद कर दिए गए. अब ममता बनर्जी ने भवानीपुर विधानसभा सीट के नतीजे को हाईकोर्ट में चुनौती दी है.
बता दें कि इससे पहले 2021 में भी ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर शुभेंदु अधिकारी से हारने के बाद कोर्ट में चुनौती दी थी. कोर्ट में अभी वो मामला भी लंबित है.
यह भी पढ़ें: अकाल तख्त ने पंजाब CM को बताया गुरुदोषी-पंथ विरोधी, मान सफाई देते हुए बोले- मैं उस वीडियो में नहीं…



