Loudspeaker : पश्चिम बंगाल में धार्मिक स्थलों पर लगे लाउडस्पीकरों की आवाज को रखने के आदेश जारी होने के बाद शुक्रवार की रात को आसनसोल में हिंसा भडक उठी। रेलपार इलाके में भीड़ ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ और पथराव किया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े। जानकारी के अनुसार पुलिस प्रशासन ने राज्य सरकार के निर्देश पर आसनसोल के कई हिस्सों में लाउडस्पीकर की आवाज कम रखने को कहा था। इसी सिलसिले में दिन में रेलपार इलाके में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच बातचीत हुई थी। शाम को बड़ी संख्या में लोग पुलिस चौकी पहुंच गए। भीड़ ने चौकी पर पथराव किया। पुलिस और आम लोगों के वाहनों में तोड़फोड़ की। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को चोट आई है।
इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात
तनाव के बाद इलाके में पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। पुलिस के डिप्टी कमिश्नर वीजी सतीश पसुमार्थी ने मीडिया को बताया कि अब स्थिति कंट्रोल में है। सीसीटीवी फुटेज की पहचान की जा रही है। घटना में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीएम सुवेंदु के फैसले
राज्य के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पांच फैसले लेकर उस पर अमल के निर्देश जारी किए है। जिनमें घार्मिक स्थलों पर तेज आवाज वाले लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई। पुलिस को निर्देश दिए कि वे सभी इलाकों में लाउडस्पीकर की आवाज की निगरानी करें। राज्य के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में सुबह की असेंबली में वन्दे मातरमश् को अनिवार्य कर दिया है। सभी स्टूटेंट्स को इसमें शामिल होना पड़ेगा।
बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को 45 दिन के भीतर जमीन ट्रांसफर करने का फैसला लिया गया। बिना फिटनेस सर्टिफिकेट के किसी भी मवेशी की हत्या पूरी तरह से बैन। फिटनेस सर्टिफिकेट केवल नगरपालिका के अध्यक्ष, पंचायत समिति के प्रमुख और सरकारी पशु चिकित्सक के साथ मिलकर जारी किया जाएगा। राज्य में बीएनएस लागू करने की आधिकारिक मंजूरी दी। आरोप है कि ममता सरकार ने राज्य में पुराने आईपीसी और सीआरपीसी की जगह नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) को लागू नहीं किया था।



