Swami Avimukteshwarananda Saraswati: जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर कहा कि उनके साथ अन्याय नहीं हुआ, उन्होंने अन्याय किया. मैं तो जगद्गुरु हूं और वह अभी तक जगद्गुरु भी नहीं हैं नियम यह होता है कि रथ से गंगा तक नहीं जा सकते. जब पुलिस ने उन्हें रोका था कि आप मत जाइए, हम लोग स्वंय संगम में पैदल जाते हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने उन्हें जो नोटिस दिया है, वह बिल्कुल सही है.
साध्वी निरंजन ज्योति की भी आई प्रतिक्रिया
भाजपा नेता साध्वी निरंजन ज्योति ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को ‘शंकराचार्य’ की उपाधि के इस्तेमाल को लेकर भेजे गए नोटिस पर कहा कि सरकार को आप क्यों कह रहे हैं? योगी जी ने तो जवाब नहीं दिया न? किसने ये प्रमाण पूछा है योगी जी उस पर ध्यान देंगे और मुझे लग रहा है कि किसी को पूछने का अधिकार नहीं है. ये संत समाज का मैटर है.
कोई अधिकारी ये जुर्रत दिखाई, ये तो मुझे योगी जी पर विश्वास है कि उस पर कार्रवाई करेंगे.
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अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर क्या बोली कांग्रेस?
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने कहा कि हिंदू सभ्यता और संस्कृति में आदरणीय शंकराचार्य जी का विशेष महत्व है. अगर मैं कहूं कि उन्हें गुरू की संज्ञा दी गई है तो वह उचित होगा. भाजपा सरकार ने आदरणीय शंकराचार्य जी को अपमानित किया और फिर इस बात का अहंकार भी रखा कि वे उनका अपमान भी कर सकते हैं. क्या यह धर्म और संस्कृति का रास्ता हो सकता है? वाराणसी में 300 से ज्यादा मंदिर गिरा दिए गए हैं. दिल्ली में भी एक मंदिर को केवल RSS कार्यालय की पार्किंग बनाने के लिए गिरा दिया गया था. इसे कोई भारतीय स्वीकार नहीं करेगा.



