PM Narendra Modi:दिल्ली में आज बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वियतनाम के राष्ट्रपति टो लैम की मौजूदगी में भारत और वियतनाम के बीच ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ. इस दौरान अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि प्रेसिडेंट तो लाम का भारत में हार्दिक स्वागत करते हुए मुझे अत्यंत खुशी हो रही है. वियतनाम के प्रेसिडेंट बनने के बाद एक महीने के भीतर ही है. उनका भारत आना और एक हाई लेवल डेलीगेशन समेत कई बिजनेस लीडर्स के साथ आना यह स्पष्ट करता है कि वे भारत वियतनाम संबंधों को कितनी प्राथमिकता देते हैं. इतना ही नहीं उन्होंने भारत की यात्रा की शुरुआत बोधगया से की. यह हमारे दोनों देशों की साझा सभ्यतागत और आध्यात्मिक परंपरा को दर्शाता है. भारत और वियतनाम की साझेदारी में विरासत और विकास का महत्व है. पिछले वर्ष जब भारत से बौद्ध अवशेष वियतनाम गए तो उनके दर्शन 1.5 करोड़ से अधिक लोगों ने किए थे. हमारी साझा विरासत को जीवंत रखने के लिए हम वियतनाम की प्राचीन सभ्यताओं के मंदिरों का जीर्णोद्धार कर रहे हैं. हमारे व्यापक संबंधों ने तेज और व्यापक समृद्धि की है.
“वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा”
पीएम मोदी ने आगे कहा कि हर क्षेत्र में हमारा सहयोग नए स्तर तक पहुंचेगा. भारत और वियतनाम का द्विपक्षीय व्यापार पिछले 1 दशक में दोगुना होकर 16 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है. 2030 तक इसे 25 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने के लिए हमने आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. बहुत जल्द वियतनाम भारत के अंगूर और अनार का स्वाद लेगा. हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि एक दशक पहले मेरी वियतनाम यात्रा के दौरान, वियतनाम ASEAN में भारत का पहला ‘व्यापक रणनीतिक साझेदार’ बना था. तब से, हमारे संबंधों ने तेज़ और व्यापक प्रगति की है. हमारे सभ्यतागत संबंधों के साथ-साथ, हमारे व्यापार और पर्यटन संबंध भी और अधिक मज़बूत हुए हैं. इसी मज़बूत नींव पर आगे बढ़ते हुए, आज हम अपने संबंधों को ‘उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ के स्तर तक ले जा रहे हैं. हमारी ड्रग अथॉरिटी के बीच हुए MoU से अब भारत की दवाओं का वियतनाम में एक्सेस बढ़ेगा. भारत के कृषि, मत्स्य और पशु उत्पादों का भी वियतनाम तक एक्सपोर्ट और भी सुगम होने जा रहा है.
“इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा कॉमन आउटलुक है”
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें बहुत खुशी है कि दोनों देशों के बीच एयर कनेक्टिविटी लगातार बढ़ रही है. फाइनेंशियल कनेक्टिविटी को भी बूस्ट करने के लिए आज हमने अपने सेंट्रल बैंकों के बीच सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया है. भारत के UPI और वियतनाम के फास्ट पेमेंट सिस्टम भी जल्द ही लिंक होने जा रहे हैं. साथ ही अब हम दोनों देशों के बीच स्टेट-टू-स्टेट और सिटी-टू-सिटी कोऑपरेशन को भी मजबूत करने जा रहे हैं. वियतनाम भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी और हिंद महासागर का एक मुख्य स्तंभ है. इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी हमारा कॉमन आउटलुक है.
यह भी पढ़ें: अमेरिका ने ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ किया खत्म, ईरान पर कार्रवाई के बाद विदेश मंत्री ने किया ऐलान
“हम एक-दूसरे की रैपिड ग्रोथ के सहायक बनेंगे”
उन्होंने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा करने और आतंकवाद के विरुद्ध हमारे संघर्ष में साथ खड़े रहने के लिए हम वियतनाम के आभारी हैं. वैश्विक उथल-पुथल और आर्थिक चुनौतियों के इस दौर में अपने टैलेंट, गुड गवर्नेंस और इकोनॉमिक रिफॉर्म्स के बल पर भारत और वियतनाम दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती इकोनॉमीज के रूप में उभर रहे हैं. PM मोदी ने कहा कि अब हमारी एनहैंस्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप के माध्यम से हम एक-दूसरे की रैपिड ग्रोथ के सहायक बनेंगे. जैसा कि बुद्ध की शिक्षाओं की भावना है कि यदि आप किसी और के लिए दीप जलाते हैं तो वह आपके अपने मार्ग को भी प्रकाशमान करता है.
“भारत-वियतनाम के बीच का रिश्ता कितना महत्वपूर्ण है”
वहीं वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम ने कहा कि प्रधानमंत्री और मेरे बीच बहुत ही सफल चर्चा हुई है. हम अपने 50 साल के संबंधों के नतीजों, साथ ही 10 साल की ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को बहुत महत्व देते हैं और हम अपने द्विपक्षीय संबंधों को उच्च प्राथमिकता देंगे. हमने इस क्षेत्र और दुनिया को लेकर अपना दृष्टिकोण भी साझा किया और हम इस बात पर आपसी समझ के एक उच्च स्तर पर पहुंचे कि भारत और वियतनाम के बीच का रिश्ता दोनों देशों के लिए कितना महत्वपूर्ण है.



