India US Trade Deal: भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि ट्रंप साहब ने जो कहा है और जो डील सामने आई है वह तो बिल्कुल क्लियर है. आपने अभी छोड़ा है कि आटा और चावल नहीं करेंगे लेकिन आपने मक्का, सोया, सेब सब शामिल कर दिया। हमारे किसानों का क्या होगा. सरकार को हाउस में जवाब देना पड़ेगा. आपने पूरा देश अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिया, जवाब तो देना पड़ेगा. आपने देश का किसान तबाह और बर्बाद कर दिया.
“वह देशहित में नहीं है”
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर कांग्रेस सांसद तारीक अनवर की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत की जो संधि हुई है. उसे लेकर लोगों में बड़ी बेचैनी है. खासकर देश के किसानों में. जिस प्रकार से या जिस तरह के दबाव से अमेरिका के सामने जो सरेंडर किया गया है, वह देशहित में नहीं है. विपक्ष के लोग इस मुद्दे को उठाना चाहते थे लेकिन उससे पहले स्पीकर साहब ने सदन को स्थगित कर दिया. हम चाहते हैं कि इस पर लोकसभा में विस्तार से बातचीत हो. पता चले कि किस मजबूरी के कारण हमारी सरकार या प्रधानमंत्री को अमेरिका के सामने झुकना पड़ा.
वहीं समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने कहा डील पर सरकार की तरफ से कोई स्पष्टिकरण नहीं दिया गया है. यह भी साफ नहीं है कि हमारे किसानों के हितों की रक्षा होगी या नहीं.
“विपक्ष को सिर्फ हंगामा करना है”
ट्रेड डील पर भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि विपक्ष को सिर्फ हंगामा करना है. कल वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने दोनों सदनों में इस बात को स्पष्ट कहा है कि भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में किसी प्रकार से समझौता नहीं होगा. एमएसएमई सेक्टर को इससे बड़ा लाभ मिलने वाला है लेकिन विपक्ष गलत बयानबाजी करके देश को गुमराह करना चाहता है. इस तरह की राजनीति का देश में कोई स्थान नहीं है.
“विपक्ष संसद को कुछ समझता नहीं”
सांसद खंडेलवाल ने आगे कहा कि विपक्ष हर प्रकार की चर्चा से भाग रहा है. विपक्ष सदन में जिस प्रकार का आचरण कर रहा है, वह संसदीय मर्यादाओं का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है. विपक्ष संसद को कुछ समझता नहीं. विपक्ष की रुचि संसद के बाहर सीढ़ियों पर बैठकर या बाहर खड़े होकर बयानबाजी करने में है. जनता इसको देख रही है. यही कारण है कि विपक्ष अपनी प्रासंगिकता धीरे-धीरे खोता जा रहा है.



