Heavy Rain: देश के कई राज्यों में मानसून की भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, केरल, हिमाचल और दिल्ली समेत कई अन्य राज्यों से बारिश के कारण बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की घटनाएं सामने आई है. महाराष्ट्र के रायगढ़ में बारिश के कारण 3 हजार एलपीजी सिलेंडर पातालगंगा नदीं में बह गए. पनवेल में LPG बॉटलिंग प्लांट में बाढ़ का पानी घुस गया, जिसकी वजह से सिलेंडर बढ़ गए. प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की गई है अगर उन्हें कहीं सिलेंडर मिले तो उसे न छुएं, उसे अपने घर न ले जाएं. वहीं बुधवार को उत्तराखंड के उत्तरकाशी से लैंडस्लाइड की घटना सामने आई. नालूपानी और यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर लैंडस्लाइड हुआ. इसके अलावा टिहरी इलाके में लैंडस्लाइड से एक मकान गिर गया.
गुजरात के सूरत में बाढ़ जैसे हालात
वहीं गुजरात के सूरत शहर में बारिश के वजह से पानी भरने से बाढ़ जैसे हालत बन गए हैं. जिससे आम जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सूरत के निचले इलाकों से करीब 3400 लोगों को बचाया गया और 3800 से ज्यादा लोगों को दूसरी जगहों पर भेजा गया है. कई जगहों पर घरों, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और दुकानों में भी पानी घुस गया है. वराछा इलाके के पोद्दार आर्केड की ग्राउंड फ्लोर की दुकानें पूरी तरह से पानी में डूब गई है.
महाराष्ट्र के पुणे में इमारत ढही
महाराष्ट्र के पिंपरी-चिंचवड़ में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया. जहां एक इमारत पर कचरे का एक बड़ा ढेर तीन मंजिला इमारत पर गिर गया. जिससे इमारत ढह गई.हादसे में करीब 16 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका थी. इमारत गिरने के बाद, NDRF की टीम स्निफर डॉग्स के साथ मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही है. डीसीपी गणेश इंगले ने बताया कि कल दोपहर से ही अभी तक लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है.घटनास्थल पर NDRF, सेना और फायर ब्रिगेड की टीमें सब मौजूद हैं.मुख्य मकसद लापता लोगों का जल्द से जल्द पता लगाकर उन्हें बचाना है.अंदर 16-17 लोग फंसे थे, जिनमें से 9 को अब तक बचा लिया गया है, अभी 6-7 और लोग होंगे जिनकी तलाशी जारी है.सबसे बड़ी चुनौती मलबे का बड़ा ढेर है, जिससे बचाव कार्य में मुश्किल आ रही है.तलाशी अभियान अभी भी जारी है.
उत्तराखंड में भूस्खलन
उत्तराखंड में नेशनल हाईवे 707A पर कड्डूखाल में दुकानों के पास भूस्खलन हुआ.इस घटना में एक पुरानी खाली इमारत को नुकसान पहुंचा.भूस्खलन होने से पहले ही खतरे वाले इलाके में मौजूद दो रेस्तरां, सड़क किनारे बने छोटे स्टॉल और मजदूरों की झोपड़ियों को खाली करा लिया गया था.बताया जा रहा है कि यह घटना एक निजी व्यक्ति द्वारा होटल बनाने के लिए की जा रही खुदाई के काम के कारण हुई.किसी के हताहत होने या मवेशियों के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
मध्य प्रदेश के 27 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश हुई है. दमोह में सबसे ज्यादा 1.75 इंच बारिश दर्ज की गई. खरगोन में रूपारेल नदी में तेज बहाव से एक युवक बह गया.
दिल्ली के कई इलाकों में बारिश से सड़कें डूबी
दिल्ली में बारिश की वजह से कई इलाकों में सड़कें डूब गई है. दिल्ली में रातभर हुई लगातार बारिश के बाद अक्षरधाम मंदिर के पास NH-24 पर लंबा जाम लग गया.कई जगह सड़कों पर पानी भरने से वाहनों की रफ्तार धीमी हो गई और लोगों को आने-जाने में परेशानी हुई. रोहिणी इलाके में एक निर्माणाधीन बिल्डिंग के गिरने से 3 लोगों की मौत हो गई है.
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