Parliament Budget Session: संसद के बजट सत्र के दौरान आज गुरुवार को सियासत एक बार फिर गरमा गई. कांग्रेस और बीजेपी के बीच जमकर वार-पलटवार देखने को मिला. सदन में बीजेपी नेता जेपी नड्डा और मल्लिकार्जुन खरगे में खूब गहमा-गहमी देखी गई. इस दौरान जेपी नड्डा ने बिना किसी का नाम लिए कांग्रेस अध्यक्ष से कहा कि अपनी पार्टी को अबोध बालक का बंधक मत बनाइए. नड्डा के इस बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी से जोड़ते हुए विपक्ष भड़क गया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि उनको बोलने देना चाहिए. किस चीज से डर रहे हैं? कि वे किसी किताब से कुछ कोट करेंगे? या एपस्टीन फाइल से डर रहे हैं? या हम उनको इस डील (अमेरिका-भारत व्यापार समझौते) को लेकर कटघरे में खड़ा कर देंगे जिससे सारे किसानों की जिंदगी बर्बाद होने जा रही है.
प्रियंका गांधी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री स्पीकर के पीछे छिप रहे हैं. कल उनमें सदन में आने की हिम्मत नहीं थी क्योंकि तीन महिलाएं बेंच के सामने खड़ी थीं. यह क्या बकवास है? कोई चर्चा नहीं हो रही है क्योंकि सरकार चर्चा नहीं चाहती है.
“उनका नाम काले अक्षरों से लिखा जाएगा”
वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि एक अबोध बालक के जिद के कारण सदन को बंधक बना लिया गया. संसदीय इतिहास में उनका नाम काले अक्षरों से लिखा जाएगा.
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा के ‘अबोध बालक’ शब्द का इस्तेमाल करने पर राजद सांसद मनोज कुमार झा की भी प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि जे.पी. नड्डा आलोचना के लिए बेहतर शब्द चुन सकते थे लेकिन मैं समझता हूं कि शब्दावली की कमी राजनीतिक संकीर्णता का परिचायक है.
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