Farooq Abdullah Attack: नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला अपने ऊपर हुए जानलेवा हमले के बाद पहली बाद मीडिया के सामने आए हैं. उन्होंने कहा कि मैं जब कार्यक्रम स्थल से बाहर निकल रहा था, तभी मुझे पटाखे की आवाज़ सुनाई दी. तुरंत मुझे एक कार में बिठाया गया. बाद में मुझे बताया गया कि एक आदमी पिस्तौल के साथ था जिसने 2 गोलियां चलाईं. मैं न तो इस आदमी (आरोपी) को जानता हूं और न ही मुझे उसके बारे में कोई जानकारी है. मुझे नहीं पता कि उसका मकसद क्या था. सवाल यह है कि उस शादी समारोह में सभी बड़े-बड़े लोग थे और वहां कोई पुलिस का इंतजाम नहीं था. अल्लाह का शुक्र है मेरी सिक्योरिटी मेरे साथ थी. हमारे मंत्रियों की सिक्योरिटी भी साथ थी हमारे विधायक थे जिन्होंने हिम्मत की और मैं बच गया.
“एक आम आदमी के क्या हालात होंगे?”
वहीं फायरिंग मामले पर जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने कहा कि मैंने वो मंजर करीब से देखा था. फारूक अब्दुल्ला जो अत्यधिक संरक्षित आदमी हैं, अगर उनपर हमला हो सकता है, तो एक आम आदमी के क्या हालात होंगे? आज यह सवाल खड़ा हो गया है. इस पर विचार करने की जरूरत है. मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि मैं ये सवाल आप पर छोड़ता हूं कि आप इस हमले को किस तरह लेते हैं. मैं PSO का धन्यवाद देता हूं की तत्परता दिखाने पर गोली ऊपर चली गई. उसके छर्रे मुझे भी लगे. अत्यधिक संरक्षित आदमी पर इस प्रकार का हमला हुआ है तो ये सवाल उठाता है. ये हादसा कोई छोटी बात नहीं है. हमने इसे बहुत करीब से देखा है.
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“व्यक्तिगत फंक्शन के लिए सिक्योरिटी देना ऐसा संभव नहीं है”
भाजपा विधायक विक्रम रंधावा ने कहा कि मेरा मानना है कि हर पंडाल में व्यक्तिगत फंक्शन के लिए सिक्योरिटी देना ऐसा संभव नहीं है. हां, अगर इतने बड़े कदवार का कोई व्यक्ति, जिसमें मौजूदा डिप्टी चीफ मिनिस्टर भी शामिल हैं, आ रहा है, तो अधिकारियों को थोड़ा सावधान रहना चाहिए. लेकिन यह कोई प्रोफेशनल क्रिमिनल थोड़ी था, जो वहां पंहुचा हुआ था वह उसी परिवार का सदस्य था जो शादी में हिस्सा लेने आया था.
“उन पर हमला करना दुर्भाग्यपूर्ण है”
फारूक अब्दुल्ला पर फायरिंग की घटना पर भाजपा नेता अल्ताफ ठाकुर ने कहा कि भाजपा इसकी कड़े शब्दों में निंदा करती है. लोकतंत्र में ऐसी घटना के लिए कोई जगह नहीं है. फारूक अब्दुल्ला ना केवल जम्मू-कश्मीर के बड़े नेता हैं बल्कि भारत के भी बड़े नेता हैं और इस तरह से उन पर हमला करना दुर्भाग्यपूर्ण है. भाजपा कभी भी हिंसा का समर्थन नहीं करती. आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. यह पुलिस की विफलता है.



