Middle East war: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने इजरायल अमेरिका ईरान युद्ध पर संसद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान पर पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि ये एक ‘इंडिया शाइनिंग’ जैसा भाषण था. इसमें पिछले 12 साल में क्या किया या क्या नहीं किया इस पर बात नहीं हुई. शायद आगामी चुनावों को देखते हुए ये भाषण दिया गया. आप बोल रहे हैं आपने यूरिया के 6 नए प्लांट डालें, लेकिन वो प्लांट चलेंगे किसपर, एलएनजी कहां से आएगा. सबसे पहला सवाल कि आप इजराइल क्यों गए थे? हम उम्मीद कर रहे थे कि इसका जवाब मिलेगा. उम्मीद थी कि प्रधानमंत्री एक वादा करेंगें कि चुनाव खत्म हो जाने के बाद भी न LNG, LPG, न पेट्रोल और न ही डीजल के दाम बढ़ेंगे. खोखली बात करके चले गए. खरीफ का सीजन आ रहा है, किसानों को आपने क्या ठोस राहत दी. वो आपने नहीं बताया.
उन्होंने कहा कि संकट की घड़ी में एक प्रधानमंत्री को हवाबाजी करना शोभा नहीं देता है. कई लोग तो इंतजार कर रहे थे कि घर का कौन सा बर्तन बजाएं. कोविड़ में तो आपने थाली बजा दी. अब क्या बजाएं, बताइये, खाली सिलेंडर लेकर बाहर बनाएं. जो लोग लाइनों में लगे हुए हैं, उन्हें आप क्या कहेंगे कि आपने इतने प्लांट डाल दिए? कोई जवाब नहीं मिला.
“कांग्रेस को हर चीज़ में राजनीति नजर आती है”
वहीं केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि भारत के प्रधानमंत्री ने देश के तमाम संसदीय व्यवस्था में राजनीतिक दलों से आग्रह किया है कि सभी एकजुट होकर हों, एक आवाज़ संसद से जानी चाहिए. प्रधानमंत्री ने सारी स्थितियों को रखा, कुछ नहीं छुपाया. कांग्रेस को हर चीज़ में राजनीति नजर आती है, वे कह रहे हैं कि अमेरिका, चीन ने पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा दिए, भारत क्यों नहीं बढ़ा रहा. उन्हें तो प्रधानमंत्री की सराहना करनी चाहिए. देश में LPG की समस्या नहीं है, देश की एक ही समस्या है, LoP की समस्या. नेता प्रतिपक्ष कहां रहते हैं ये वही जानते हैं, LPG की कोई समस्या देश में नहीं है, अगर देश में कोई समस्या है तो वह LoP की समस्या है.
यह भी पढ़ें: “आपने जबरदस्ती भारत को संकट में डाला…” संसद में PM मोदी के बयान पर कांग्रेस-AAP, सपा-RJD ने बोला हमला
“नाम बदलकर ‘अफवाह गांधी’ और ‘अफवाह यादव’ रख लेना चाहिए”
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अभी अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध की स्थिति में भी एक-एक भारतवासी को वापस लाने का अभियान जारी है. मैं 2014 से लेकर 2026 तक दावे से कह सकता हूं कि दुनिया में किसी भी देश में किसी भी प्रकार का संकट आया हो, तो एक-एक भारतीय को सुरक्षित लाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार ने कोई कमी नहीं छोड़ी। इस समय विपक्ष के नेता, राहुल गांधी और अखिलेश यादव को अपना नाम बदलकर ‘अफवाह गांधी’ और ‘अफवाह यादव’ रख लेना चाहिए. वे केवल एजेंडा चलाते हैं. न गैस का संकट है, न खाद्यान का संक्ट है और न ही किसी को सुरक्षित लाने की समस्या है.



