Basant Panchami: मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में बंसत पंचमी पर आज पूजा और नमाज की विशेष व्यवस्था की गई है. हिंदू श्रद्धालुओं ने सूर्यादय के साथ वाग्देवी की पूजा शुरू की. इसके बाद हवन किया जाएगा और सूर्यास्त तक पाठ किए जाएंगे. वहीं भोजशाला में एक अलग क्षेत्र में दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की जाएगी. धार SP मयंक अवस्थी ने कहा कि इस आयोजन को लेकर व्यापक व्यवस्था सुरक्षा के प्रबंधन किए गए हैं. पुलिस बल को यहां तैनात किया गया है. इसमें हमारे पास RAF और CRPF भी यहां तैनात हैं. एक-एक गली हमारी निगरानी में हैं और शहर के संवेदनशील क्षेत्र को ड्रोन और CCTV से निगरानी की जा रही है.
SC के आदेश पर क्या बोले जिला कलेक्टर?
भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर धार जिला कलेक्टर प्रियांक मिश्रा ने कहा कि हमारे पास लिखित में आदेश आ चुका है. उच्चतम न्यायालय ने स्वीकार किया कि जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ती है तो दोनों समुदायों का एक ही स्थान पर पूजा-अर्चना करना कानून व्यवस्था के हिसाब से बहुत बड़ी चुनौती है. इसलिए उच्चतम न्यायालय ने इसमें निर्देश दिया जाना आवश्यक समझा. ये भी इस आदेश से स्पष्ट है कि दोनों ही समुदायों को अलग-अलग विशेष और अलग स्थान देने हैं जिससे दोनों समुदायों के कार्यक्रम निर्विघ्न चले.
उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय का जो निर्देश है वो स्पष्ट है कि जो स्थान है वो विशेष और अलग-अलग होना चाहिए. पुलिस अधीक्षक के माध्यम से पूर्व में जो घटनाएं हुईं उन्हें भी सामने रखा गया. इसलिए हमने ये निर्णय लिया है कि ये स्थान बिल्कुल विशेष और अलग होना चाहिए. परिसर में और भी जगह है. जिला प्रशासन को कानून व्यवस्था को देखते हुए खुद से स्थान नीयत करना है.
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“राजा भोज का समृति उत्सव मनाया जा रहा है”
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर VHP नेता विनोद बंसल ने कहा कि भोजशाला में राजा भोज का समृति उत्सव मनाया जा रहा है. वहां मां सरस्वती की वंदना भी होती है। दुर्भाग्य ये कुछ इस्लामिक जिहादी तत्व नहीं चाहते हैं कि बहुसंख्यक समाज पूजा-अर्चना करे. पूजा पर अंकुश लगाने की जो चेष्टा की जाती है ये दुर्भाग्यपूर्ण है. हम धूम धाम से वहां पूजा करेंगे.
“फैसले का स्वागत करना चाहिए”
भोजशाला-कमल मौला कॉम्प्लेक्स से जुड़े विवाद को लेकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत करना चाहिए. इस देश के अंदर हिंदू मुसलमान हमेशा से एक साथ रहता आया है, एक साथ रहेगा. आपस में यदि भाईचारा नहीं होगा तो देश के अंदर शांति और अमन नहीं बनेगी. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का सभी को स्वागत करना चाहिए.



