Baruipur Rape Murder Case: पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के बारुईपुर इलाके में 11 साल की मासूम की रेप के बाद हत्या कर दी गई. मासूम का शव 5 जुलाई को बरामद हुआ था. इसके बाद भीड़ ने एक आरोपी की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. घटना के बाद आज मंगलवार को मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी बारुईपुर पहुंचे. जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि सिर्फ बारुईपुर की घटना नहीं, इस तरह की घटना राज्य में कहीं न हो, इसके लिए हम पहले दिन से काम कर रहे हैं. CP, SP से हमारी बात हुई. सरकार और पुलिस हर संभव काम कर रही है. पीड़ित परिवार से हमने बात की है.पुलिस ने बताया है कि मॉब लिंचिंग में जिसे मारा गया है वह बेकसूर है, उसके परिवार के साथ भी हमने मुलाकात की है, उसे भी न्याय मिलेगा. पुलिस की गाड़ियों को नुकसान पहुंचाने और रेलवे लाइनों में तोड़-फोड़ करने के लिए ज़िम्मेदार सभी लोगों की पहचान कर ली गई है,किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा.
“4 में से 3 की गिरफ्तारी हुई है”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि चुनाव में जिन लोगों को नकारा गया, जिसे एक सीट मिली, कट्टरपंथी ताकत, राष्ट्र-विरोधी ताकत जिन्होंने उकसाने का काम किया उनकी भी पहचान की गई है. 4 में से 3 की गिरफ्तारी हुई है, अन्य की गिरफ्तारी के प्रयास जारी है. परिवार की हर संभव मदद की जाएगी. यहां आउटपोस्ट भी लगाई जाएगी. उन्होंने कहा कि मैंने SP, ADG और DGP की मौजूदगी में सूरजपुर पुलिस स्टेशन कैंप इंचार्ज, बारुईपुर SDPO और बारुईपुर के एडिशनल SP के साथ मिलकर पूरी स्थिति का बारीकी से विश्लेषण किया है. मैंने DGP को प्रशासनिक प्रक्रिया पर रिपोर्ट सौंपने के लिए 72 घंटे का समय दिया है. प्रशासनिक पहलू पर उचित कार्रवाई की जाएगी. अगर हमारी तरफ से 1% भी लापरवाही हुई है, तो सख्त कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री का दायित्व संभालने के बाद मैंने RG कर मामले में तीन IPS अधिकारियों को सस्पेंड किया है, मेरा संदेश साफ है. परिवार ने सरकार पर भरोसा जताया है.पुलिस को गुंडागर्दी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं.
“ममता बनर्जी को जाने नहीं दिया गया”
वहीं बारुईपुर की घटना पर TMC सांसद सॉगत राय ने कहा कि बंगाल की स्थिति खराब है. एक लड़की का बलात्कार होता है, हत्या होती है और पुलिस को पहुंचने में 3 घंटे लग जाते हैं, स्थिति खराब है. शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि ‘भय आउट, भरोसा इन’ तो यह क्या उसका उदाहरण है?. ममता बनर्जी वहां जाना चाहती थी लेकिन उनके निवास का घेराव किया गया, सेंट्रल फोर्स वहां आई. कल भी ममता बनर्जी को जाने नहीं दिया गया, फिर हमारी पार्टी की डोला सेन, प्रतिमा मंडल आदि गए. ममता बनर्जी ने कैंडल मार्च निकालकर प्रतिवाद किया.
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