Baba Ramdev News: योग गुरु बाबा रामदेव का एक बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि हिंदू और मुसलमानों के पूर्वजों को एक बताया है. हमारे मज़हब अलग हो सकते हैं लेकिन हमारे पूर्वज एक ही हैं.हम गेट से जब प्रवेश कर रहे थे तो वहां भी लिखा हुआ है और यहां भी लिखा है कि हिंदू राष्ट्र के नाम पर किसी को डरने की ज़रूरत नहीं है.हम सभी के पूर्वज सनातनी हिंदू हैं.कुछ लोग कहते हैं कि हिंदू राष्ट्र बन जाएगा तो मुसलमान कहां जाएंगे.मुसलमान अपने पूर्वजों की परंपरा को अपनाओ.जो अपने बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता.तुम अपने पूर्वजों, ऋषि मुनि की बात को मानो.तुम दाढ़ी रखो, मूंछ कटाओ, कैसे भी वस्त्र पहनों चरित्र अपने पूर्वजों जैसा रखो. योग गुरु के बयान पर कई धर्मगुरुओं की प्रतिक्रियाएं आई है.
“‘धोबी का कुत्ता, न घर का, न घाट का”
अयोध्या रामादल ट्रस्ट के अध्यक्ष कल्कि राम ने योग गुरु बाबा रामदेव के बयान पर कहा कि हमारे पूर्वज एक ही हैं.इसलिए हमें उनके बताए हुए मार्ग पर ही चलना चाहिए.अगर हमें अपनी और आने वाली पीढ़ी के स्वर्णिम भविष्य की चिंता है, तो हमें पूर्वजों की परिपाटी का अनुसरण ही करना होगा.अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो जो लोग अपने श्रेष्ठ पूर्वजों, माता-पिता, जिसे कह सकते हैं, अगर उनकी बात नहीं मानते हैं, तो ऐसे लोगों के लिए कहावत है कि ‘धोबी का कुत्ता, न घर का, न घाट का. अपना स्वयं का तो नाश कर ही रहे हैं, आने वाली पीढ़ी के लिए भी ऐसी खाई खोद रहे हैं, जिसे पाटना मुश्किल होगा. इसलिए बेहतर होगा कि हम अपने पूर्वजों का अनुसरण करें, उनके बताए हुए मार्ग पर चलें.
“बाबा रामदेव ने कुछ चीजें बहुत अच्छी कही हैं”
अयोध्या सीताराम निवास कुंज मंदिर के संत सतेंद्र दास वेदांती महाराज ने कहा कि बाबा रामदेव ने कुछ चीजें बहुत अच्छी कही हैं. जैसे उन्होंने कहा है कि जो अन्य समुदाय के लोग आज के हिसाब से हैं, तो वास्तव में दोनों के पूर्वज एक हैं.इसमें कोई संदेह नहीं है, लेकिन हम पूर्वजों के हिसाब से चल नहीं रहे हैं, पूर्वजों की बात को मानते नहीं हैं, ऋषि-महर्षियों की बात को मानना नहीं है, ऋषि-महर्षियों की परंपराओं से हटकर यदि हम बात करते हैं, ऋषि-महर्षियों की बातों की अवहेलना करते हैं, हमारे पूर्वज जो थे, वे ऋषि-महर्षियों की संतानें हैं और उनके हिसाब से चलते थे, उनकी विचारधारा से चलते थे. तो आज अगर हमारी उनकी विचारधारा नहीं चल पा रही है, तो हम कैसे मान लें कि हमारे पूर्वज एक हैं?
” शत-प्रतिशत सही कहा है कि सबका जो धर्म था”
अयोध्या साकेत भवन के महंत आचार्य सीताराम दास महाराज ने कहा कि योग गुरु बाबा रामदेव महाराज ने जो कहा, वह शत-प्रतिशत सही कहा है कि सबका जो धर्म था, वह सनातन धर्म था. लेकिन आप जैसे भी रहो, आप चोटी धारण रखो, मूंछ कटाओ, जैसे भी वस्त्र पहनो, लेकिन अपने पूर्वजों की बातों को फॉलो करो. पूरे देश में रहने वाले जितने भी लोग हैं, सभी किसी-न-किसी ऋषि की ही संतान हैं. तो मेरे जो पूर्वज ऋषि थे, उनकी सनातन परंपरा को फॉलो करना चाहिए. यह मानिए कि जो अपने बापों का, अपने पूर्वजों का कथन अनुसरण नहीं करेगा, जो उनकी विचारधारा को अंगीकार नहीं करेगा, तो वह आदेश का कैसे हो सकता है, जो स्वयं अपने पूर्वजों का नहीं है, जो अपने बाप का नहीं है.
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