Ram Mandir Donation Scam: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोपी लवकुश मिश्रा की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. उसकी पत्नी के नाम पर बन रही आलीशान इमारत प्रशासन की जांच के दायरे में आ गई है. अयोध्या विकास प्राधिकरण ने निर्माण को लेकर नोटिस जारी करते हुए एक सप्ताह के भीतर जवाब मांगा है और चेतावनी दी है कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर निर्माणाधीन भवन पर बुलडोजर की कार्रवाई की जा सकती है. इससे पहले पुलिस आरोपी के घर से करीब 14 लाख 25 हजार रुपये बरामद कर चुकी है.
जांच में यह भी सामने आया है कि महज 20 हजार रुपये मासिक वेतन पाने वाला लवकुश अपनी पत्नी सुप्रिया मिश्रा के नाम पर खरीदी गई लगभग 1000 वर्गफुट जमीन पर तीन मंजिला आलीशान मकान बनवा रहा था, जिस पर अब तक करीब 80 से 90 लाख रुपये खर्च किए जा चुके हैं. जमीन और निर्माण को मिलाकर कुल निवेश करीब डेढ़ करोड़ रुपये बताया जा रहा है. पड़ोसियों के अनुसार, गिरफ्तारी के बाद से परिवार घर पर दिखाई नहीं दिया और निर्माण कार्य भी बंद पड़ा है. ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या यह संपत्ति वैध आय से बनाई गई थी या फिर राम मंदिर के चढ़ावे में हुई कथित हेराफेरी का पैसा इसमें लगाया गया?
“अगर कोई और रास्ता नहीं बचा तो हम न्यायालय जाएंगे”
दूसरी तरफ अयोध्या बार एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद मिश्र की प्रतिक्रिया भी आई है. उन्होंने कहा कि 12 बजे राम जन्मभूमि थाना पहुंचकर तहरीर देने के लिए अधिवक्ता संघ अयोध्या के तमाम वकील जाएंगे. राम जन्मभूमि मंदिर में हुई तमाम लूट, पहले से चल रही खामियां और इन सभी चीजों को लेकर अधिवक्ता संघ आवेदन देगा कि CBI से जांच हो लेकिन आज जो तहरीर दी जाएगी वो कुछ लोगों के खिलाफ दी जाएगी कि इन लोगों ने इस मामले में घोटाला किया. इसमें चंपत राय, गोपाल राव और अनिल मिश्रा के नाम भी शामिल हैं. अन्य कुछ लोगों के नाम सामने आ सकते हैं. ये हमारी नई शिकायत है, जिसमें तथ्य भी नए हैं. अगर पुलिस FIR दर्ज नहीं करती है, तो इसका मतलब होगा कि पुलिस भी इसमें शामिल है. अगर कोई और रास्ता नहीं बचा तो हम न्यायालय जाएंगे. अगर यहां की अदालत में भी हमारी सुनवाई नहीं हुई तो हम हाई कोर्ट या सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाएंगे.
“इससे पहले ये सब कहां सोए हुए थे”
वहीं भाजपा नेता अशोक वाजपेयी ने अयोध्या के श्री राम मंदिर के कथित दान चोरी मामले पर प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने कहा कि कहा कि आज जो विपक्ष के नेता राम मंदिर को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं, इससे पहले ये सब कहां सोए हुए थे? उन्होंने राम मंदिर बनने के रास्ते में तमाम रोड़े अटकाए, राम मंदिर बनने के बाद आज तक राम लला के दर्शन करना उन्हें उचित नहीं लगा. जो अयोध्या से नफरत करते थे, राम मंदिर में एक भी बार दर्शन करने नहीं गए, आज उनके मन एकाएक राम मंदिर के प्रति अनुराग जाग गया है. SIT जांच कर रही है और निष्पक्ष जांच में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होगी. जनता उनके(विपक्ष) बारे में जानती है कि वे इस पर राजनीति करने चाहते हैं लेकिन वे इसमें कभी कामयाब नहीं होंगे.
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