उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र में आज माहौल बेहद तनावपूर्ण है। रेलवे भूमि अतिक्रमण विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई को लेकर पूरा प्रशासन अलर्ट मोड पर है। लगभग 30 हेक्टेयर क्षेत्र और 4,000 परिवारों का भविष्य आज आने वाले फैसले के साथ तय हो सकता है।
इलाके में भारी पुलिस बल की तैनाती
पिछले घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए पूरे बनभूलपुरा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। प्रशासन ने संभावित स्थिति से निपटने के लिए बड़े पैमाने पर पुलिस बल तैनात किया है।
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45 सब-इंस्पेक्टर
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400 कांस्टेबल
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PAC की 3 कंपनियां
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3 एएसपी, 4 सीओ और 12 इंस्पेक्टर लगातार निगरानी में
पुलिस सोशल मीडिया पर भी सख्ती से नज़र रख रही है। अफवाह या भड़काऊ सामग्री फैलाने वालों पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है।
दो साल पहले भड़की थी हिंसा
करीब दो साल पहले इसी क्षेत्र में अवैध संरचना पर कार्रवाई के दौरान बड़ा बवाल हुआ था। भीड़ ने कई इलाकों में आगजनी की, पुलिस थाने पर हमला किया और कई लोग घायल हुए। इस हिंसा में 6 लोगों की मौत भी हुई थी। इस घटना के बाद ही यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है।
कहां से शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब रेलवे भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई। बाद में आदेश मिलने पर प्रशासन ने कार्रवाई शुरू की, जिसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध जताया और मामला शीर्ष अदालत तक पहुंच गया। सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व में बेदखली पर रोक लगाते हुए विस्तृत सुनवाई शुरू की थी। अब माना जा रहा है कि आज बड़ा फैसला आ सकता है।
हजारों परिवारों के लिए निर्णायक दिन
इस विवादित भूमि पर वर्षों से रह रहे 30,000 से अधिक लोगों की जिंदगी इस फैसले से प्रभावित हो सकती है। यदि बेदखली का आदेश जारी होता है, तो हजारों परिवारों के सामने विस्थापन की चुनौती खड़ी हो जाएगी। इसलिए सभी की निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आज की सुनवाई पर टिकी हैं।



