Azam Khan Bail: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान को दो पैन कार्ड मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत अर्जी मंजूर करते हुए उनकी सजा निलंबित कर दी है. हालांकि, अदालत ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी है. ऐसे में दोनों को जेल से बाहर आने का रास्ता मिल गया है, लेकिन चुनाव लड़ने की कानूनी बाधाएं फिलहाल बरकरार हैं.
जस्टिस समित गोपाल की बेंच ने सुनाया फैसला
इलाहाबाद हाईकोर्ट के जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने आजम खान और अब्दुल्ला आजम की क्रिमिनल रिवीजन याचिका पर फैसला सुनाया. दोनों ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए दोषसिद्धि पर रोक लगाने, सजा निलंबित करने और अंतरिम जमानत की मांग की थी. मामले में 15 अक्टूबर को सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
आजम को 10 साल, अब्दुल्ला को 7 साल की सजा
यह मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड से जुड़ा है. ट्रायल कोर्ट ने इस मामले में आजम खान को 10 साल और अब्दुल्ला आजम को 7 साल की सजा सुनाई थी. दोनों ने इस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी. अदालत ने फिलहाल सजा निलंबित कर दी है, लेकिन दोषसिद्धि को बरकरार रखा है.
राज्य सरकार ने की उम्रकैद की मांग
इस मामले में राज्य सरकार ने भी अलग क्रिमिनल रिवीजन याचिका दाखिल की है. सरकार ने ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाकर उम्रकैद करने की मांग की है. वहीं, आजम खान से जुड़ी मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की संपत्तियों पर प्रवर्तन निदेशालय की कार्रवाई भी हाल में चर्चा में रही है.
सपा सांसद बोले- आजम के बाहर आने से मजबूत होगी पार्टी
आजम खान और अब्दुल्ला आजम को जमानत मिलने पर मुजफ्फरनगर से समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने कहा कि आजम खान पार्टी के बड़े नेता हैं और उनके बाहर आने से निश्चित तौर पर समाजवादी पार्टी मजबूत होगी। फिलहाल हाईकोर्ट के फैसले से पिता-पुत्र को बड़ी कानूनी राहत मिली है. हालांकि, दोषसिद्धि पर रोक नहीं लगने के कारण उनकी चुनावी पात्रता से जुड़ी बाधाएं दूर नहीं हुई हैं. साथ ही, जेल से वास्तविक रिहाई अन्य लंबित मामलों और कानूनी औपचारिकताओं पर निर्भर करेगी.
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