Congress Protest : ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के दौरान राहुल-प्रियंका समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। इससे पहले पुलिस अफसर ने उन्हें समझाने की कोशिश की। प्रियंका ने आरोप लगाया कि सांसदों को पीटा गया। जंतर-मंतर के पास दो घंटे तक प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं, एनएसयूआई के युवाओं और पुलिस के बीच झडपें, धक्का मुक्की होती रहीं। इससे पहले जनपथ पर सागर रत्ना रेस्टोरेंट में विपक्षी सांसदों ने करीब 1.30 घंटा लंच किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को लंच पर बुलाया था। एक दिन पहले इंडिया ब्लॉक के 200 से ज्यादा सांसदों ने संसद से चुनाव आयोग के ऑफिस तक मार्च निकाला था, लेकिन उन्हें पहले ही रोक दिया गया। इसके बाद राहुल और प्रियंका ने आकाशवाणी परिसर में 8 घंटे धरना दिया था। हालांकि परिसर में जबरन घुसने पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
“सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना होगा”
दिल्ली के डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि जंतर-मंतर पर ठछैै की धारा 163 लागू है। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों से सांसदों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने की अपील की। उन्होंने कहा, सांसद और उनके बसमर्थक तीन बसों में आ रहे हैं। हमें बताया गया है कि उनका गंतव्य जंतर-मंतर है। यहां बीएनएस की धारा 163 लागू है। बिना अनुमति के प्रदर्शन या मार्च की इजाजत नहीं है। चूंकि ये सभी सांसद हैं, इसलिए हमें इसका ध्यान रखना होगा। उनके साथ हमारा व्यवहार सम्मानजनक और उचित प्रोटोकॉल के अनुसार होगा। हम उनसे खुद ही यह जगह खाली करने का अनुरोध करेंगे।
“आप देख सकते हैं कि सरकार क्या कर रही है”
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा, “क्या यही तरीका है? आप देख सकते हैं कि ये क्या कर रहे हैं। इंडिया ब्लॉक के सांसदों का कहना है कि पुलिस ने उनकी बस रोक दी है और उन्हें जंतर-मंतर की ओर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
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