KBP Times

दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पर तीन FIR, मुंबई में दिपके के खिलाफ मामला दर्ज

FIR against protest

FIR : राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ किए गए विरोध-प्रदर्शन के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर किए गए प्रोटेस्ट के बाद दिल्ली पुलिस ने यह कार्रवाई की है। जहां दिल्ली पुलिस ने अपनी एफआईआर में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं है वहीं मुंबई में सीजेपी के संस्थापक दिपके के नाम से मामला दर्ज हुआ है।

इन धाराओं में दर्ज की FIR

पुलिस के अनुसार, जंतर-मंतर पर बिना अनुमति प्रदर्शन करने के मामले में अज्ञात के खिलाफ तीन एफआईआर दर्ज की हैं। इनमें एक एफआईआर कनॉट प्लेस थाने में और दो संसद मार्ग थाने में दर्ज हुई हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत रोक का उल्लंघन करने, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और गैर-कानूनी तरीके से इकट्ठा होने के आरोप में केस दर्ज किए गए हैं। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

मामले की जांच कर रही पुलिस

FIR में संदिग्धों/आरोपियों के कॉलम में किसी व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं है, लेकिन प्रदर्शनों का प्रस्ताव रखने वाले और उनमें भाग लेने वाले आयोजकों और संगठनों का जिक्र FIR की सामग्री में है. BNS की धारा 223 के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति को 6 महीने तक की जेल, 2,500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों का सामना करना पड़ सकता है. भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और गैरकानूनी सभा करने के आरोप में मामले दर्ज किए गए हैं. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन

शुक्रवार (2 अक्टूबर) को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन छात्र संगठनों और राजनीतिक पार्टियों ने आयोजित किया था. प्रदर्शनकारी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर में अनियमितता को लेकर CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग रहे थे.हालांकि, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को जंतर मंतर पर नहीं पहुंचने दिया था और 1,000 से ज्यादा लोगों को हिरासत में ले लिया था. इनमें कई नेता भी शामिल थे.

कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया

पुलिस द्वारा प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने के बाद मध्य दिल्ली में कड़ी सुरक्षा के बीच प्रदर्शन हुआ. प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक सौरभ भारद्वाज सहित कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया.

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल का हमला

कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक के नेता गिरफ्तारी का सामना करने के लिए तैयार हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत के चुनाव आयोग के माध्यम से आम लोगों के वोट छीन लिए जा रहे हैं.वेणुगोपाल ने कहा ‘यह देश के लोकतंत्र को बचाने, आम आदमी के वोट को बचाने के लिए है. पीएम मोदी और अमित शाह भारत निर्वाचन आयोग के माध्यम से आम आदमी के वोट छीन रहे हैं. इसलिए, यह कांग्रेस पार्टी, इंडिया अलायंस और अन्य सभी विपक्षी दलों के लिए करो या मरो की लड़ाई है. हम ऐसा होने नहीं देंगे’.

यह भी पढ़ें –Asian Games 2026; भारत को क्रिकेट, गोल्फ, तीरांदाजी और रेस में गोल्ड

यह भी देखें- जयपुर के जनाना अस्पताल की नई IPD पर उठे बड़े सवाल, मरीजों ने बताई बदहाल व्यवस्था

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Ethiraj the maker of Singol

ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ बनाने वाले एथिराज नहीं रहे; 1947 में नेहरू को मिला, PM मोदी 2023 में संसद लाए

Rijiju and kharge

परिसीमन बिल पर तकरार; रिजिजू ने खरगे को दिया जवाब-कांग्रेस ने चर्चा के लिए तारीख नहीं दी

Sindoor Khela

मां दुर्गा की विदाई; महिलाओं ने ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई; बेटी मानकर मायके से किया विदा

Rajendra Sen

जयपुर में ऋतु बराला केस में जीरो FIR पर विवाद: पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल

Weapons by women

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के लिए हथियार अमृतसर से लाए, दो युवतियों ने मुंबई तक पहुंचाया

Hardeep Puri

यौन अपराधी एपस्टीन के साथ अकेले फोटो से घिरे हरदीप पुरी, उठे सवाल

Delhi High Court and CJP

CJP के नेता सौरव और आशुतोष ने हाईकोर्ट से याचिका वापस ली, कोर्ट ने कहा-बॉन्ड की शर्तो का किया उल्लंघन

Home Minister

गृह मंत्री शाह बोले- देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य, देशव्यापी आंदोलन की आवश्यकता

marc rubio

अमेरिका बोला- मतभेद के बावजूद संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, विदेश नीति के लिए जरुरी

2

2