Ram Mandir : अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में आज पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को राम मंदिर का पहला चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (सीईओ) बनाए जाने का ऐलान किया है। देवरिया के रहने वाले जितेंद्र मिश्रा ने ऑपरेशन सिंदूर में पश्चिमी वायु कमान को लीड किया था। इसके अलावा बैठक में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के एडवोकेट मदन मोहन पांडेय और आरएसएस से जुड़ीं शिकोहाबाद की निर्मला यादव को ट्रस्टी बनाया गया है। इसके साथ ही निर्मला यादव ट्रस्ट की पहली महिला सदस्य बन गई हैं।
तीन नए ट्रस्टी भी बनाए
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में तीन नए ट्रस्टियों के नामों की भी घोषणा की है। एडवोकेट मदन मोहन पांडेय- राम जन्मभूमि-बाबरी विवाद मामले में रामलला की ओर से कानूनी पैरवी करने वाली टीम का हिस्सा रहे हैं। इलाहाबाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में राम जन्मभूमि से जुड़े पक्ष की दलीलों में भूमिका निभाई। जनवरी 2024 में एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था- सुप्रीम कोर्ट का फैसला उनके 51 साल के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा। महेश भागचंदका- दिल्ली के कारोबारी हैं। ‘अशोक सिंघल फाउंडेशन’ चलाते हैं। उन्होंने कई किताबें भी लिखी हैं, जिनमें ‘अशोक सिंघल रू हिंदुत्व के पुरोधा’, ‘बोलती अनुभूतियां’ और ‘श्री राम मंदिर काव्य यात्रा’ प्रमुख हैं। वह अशोक सिंघल के रिश्तेदार भी हैं। 2020 में राम मंदिर के भूमि पूजन के धार्मिक अनुष्ठानों में वह मुख्य यजमान रहे थे। इसके बाद 22 जनवरी 2024 को राम मंदिर की प्राण-प्रतिष्ठा के दौरान भी यजमान रहे। राम मंदिर धार्मिक समिति के अध्यक्ष और ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि, ट्रस्टी और ट्रस्ट के महासचिव कृष्ण मोहन अयोध्या हैं।चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की ये तीसरी बैठक है।
80 से ज्यादा एनकाउंटर
बताया जाता है कि प्रयागराज के रहने वाले राजेश पांडेय को यूनाइटेड नेशंस के कोसोवो पीसकीपिंग मिशन में काम करने का अनुभव है। उन्होंने सर्विस के दौरान गैंगस्टर श्रीप्रकाश शुक्ला समेत 80 से ज्यादा एनकाउंटर किए हैं। यूपी पुलिस की दो खास यूनिटों स्पेशल टास्क फोर्स और एंटी-टेररिस्ट स्क्वाड के संस्थापक सदस्य भी रहे हैं।
विश्व हिन्दू परिषद के शरद शर्मा
विश्व हिंदू परिषद के मीडिया प्रभारी रहे शरद शर्मा को ट्रस्ट का प्रवक्ता बनाया जा सकता है। सूत्रों के मुताबिक आज की बैठक में प्रसाद समिति और परिक्रमा समिति के गठन की घोषणा हो सकती है। धार्मिक समिति के सदस्यों की संख्या बढ़ाने और ट्रस्ट में खाली पड़े 3 पदों को भरने पर भी फैसला हो सकता है। हालांकि, बैठक में ट्रस्ट के स्थायी महासचिव की घोषणा होने की संभावना कम बताई जा रही है।
गर्भगृह में 2 ।ब् लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है
रामलला की सेवा के लिए दो ।ब् मंगाए गए हैं। इनमें से एक 1 टन और दूसरा 3 टन का है। दोनों ।ब् गर्भगृह में लगाए जाएंगे। इन्हें लगाने के लिए दीवारों में छेद करना पड़ेगा। इस संबंध में धार्मिक समिति ने अपना प्रस्ताव ट्रस्ट को सौंप रखा है। कल की बैठक में इस प्रस्ताव को भी मंजूरी मिल सकती है।
क्यों बनाई जा रही प्रसाद और परिक्रमा समिति
परिक्रमा समिति- राम मंदिर के चारों ओर साधु-संत और श्रद्धालु परिक्रमा करते हैं। परिक्रमा की व्यवस्था कैसे बेहतर और व्यवस्थित की जाए, समिति इस पर फैसला लेगी। प्रसाद समिति- रामलला के भक्तों को रोज प्रसाद दिया जाता है। इसके अलावा, त्योहारों और खास मौकों पर किस तरह का विशेष प्रसाद दिया जाए, समिति इस पर फैसला लेगी।
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