America-Iran war : खाडी में होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर बढ़ गया है। दोनों देशों ने एक दूसरे के सैन्य ठिकानों पर हमले कर अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाने में लगे हैं। अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की। ऐसी माइन जहाजों के लिए बड़ा खतरा बन सकती हैं और समुद्री यातायात को रोक सकती हैं। इसके बाद ट्रम्प ने होर्मुज के पास ईरानी ठिकानों पर हमले का आदेश दिया। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान अमेरिकी हमलों का जवाब देता है तो अमेरिका उससे भी ज्यादा कड़ा जवाब देगा।
अमेरिका ने किए ईरान पर हमले
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि अमेरिकी सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमलों की एक लहर पूरी की है। इनमें एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री ठिकाने, माइन बिछाने की क्षमता और कम्युनिकेशन साइट्स शामिल हैं। इसके जवाब में ईरान ने जॉर्डन और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का दावा किया है। कुवैत में भी ईरानी ड्रोन हमलों के बीच एयर डिफेंस सक्रिय की गई है, जबकि जॉर्डन ने 13 ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने का दावा किया है।
जॉर्डन में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिक मारे
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले में बड़ी संख्या में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने इस दावे को खारिज किया है। दो अमेरिकी अधिकारियों ने Media Agency बताया कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले में कोई हताहत नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि ईरानी हमले जारी रहने के कारण स्थिति बदल भी सकती है।
ईरान के साथ समझौते की जरुरत नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के साथ किसी समझौते की जरूरत नहीं है। ट्रम्प के मुताबिक, अमेरिका का होर्मुज स्ट्रेट पर लगभग पूरा कंट्रोल है और ईरान की अर्थव्यवस्था ढह रही है।
अमेरिका ने शादी समारोह पर हमला किया
ईरान ने आरोप लगाया है कि अमेरिकी हमलों में एक शादी समारोह भी निशाने पर आया। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि सिरिक के कुहस्तक इलाके में एक रिहायशी घर पर हमला हुआ, जहां एक परिवार शादी का जश्न मना रहा था। बघाई के मुताबिक, हमले में 50 से ज्यादा निर्दोष पुरुष, महिलाएं और बच्चे मारे गए या घायल हुए। उन्होंने अमेरिकी हमलों को ‘बर्बर अपराध’ बताया और कहा कि ईरान इनका दृढ़ता से जवाब देगा।
रविवार को भी अमेरिका ने किया हमला था
अमेरिका और ईरान के बीच नया तनाव रविवार, 30 अगस्त से शुरू हुआ। अमेरिकी सेना ने ईरान के लारक द्वीप पर दो रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। अमेरिका का कहना था कि ईरान ने हमले में लोगों के मारे जाने और घायल होने की बात कही। हालांकि, संख्या नहीं बताई।
होर्मुज स्ट्रेट क्यों अहम
होर्मुज स्ट्रेट से खाड़ी देशों का तेल और गैस दुनिया के दूसरे हिस्सों तक पहुंचता है। इसलिए यहां संघर्ष बढ़ने से पूरी दुनिया की ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हो सकती है। अमेरिकी हमलों के बाद तेल बाजार में भी चिंता बढ़ी है। तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने पर ऊर्जा सप्लाई भी घट सकती है।
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