Gold : पीएम मोदी ने एक बार फिर से देशवासियों को सोना नहीं खरीदने की अपील की है साथ ही देश की आर्थिक विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने पर बधाई भी दी है। पीएम मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर विडियो जारी किया है। अपने विडियो संदेश में पीएम ने कहा कि यह उपलब्धि देशवासियों की इच्छाशक्ति, मेहनत और सामूहिक ताकत का नतीजा है।
कुछ लोग झूठ के सहारे माहौल खराब करने में लगे
पीएम मोदी ने विडियो संदेश में कहा- देश के अंदर भी कुछ लोग निराशा फैलाने और झूठ के सहारे माहौल खराब करने में लगे हैं। इन सभी चुनौतियों को पार करते हुए भारत ने 7.8 प्रतिशत की विकास दर हासिल की है। देश को इसी रफ्तार को बनाए रखना होगा और आगे भी तेजी से विकास करना होगा। उन्होंने कहा, विदेश में घूमने के लिए यात्राएं करने और विदेश में शादी करने से बचना चाहिए। लोगों को मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ना चाहिए। अगर जरूरत न हो तो सोना नहीं खरीदना चाहिए। पीएम ने कहा, देश में जितना ज्यादा स्वदेशी और आत्मनिर्भरता पर जोर दिया जाएगा, उतनी ही मजबूती से भारत आगे बढ़ेगा। पूरा विश्वास है कि जब भारत अपनी आजादी के 100 साल पूरे करेगा, तब देश की युवा पीढ़ी को एक विकसित भारत सौंपा जाएगा।
सोना न खरीदने की अपील क्यों
पीएम मोदी भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को बचाने के लिए ये अपील कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार भारत अपने इस्तेमाल का करीब 99 प्रतिशत सोना विदेशों से खरीदता है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 2025-26 में सोने का ये इम्पोर्ट बिल करीब 6.4 लाख करोड़ रुपए का था। विदेशों से खरीदे जाने वाले सामान के कुल खर्चे में 9 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ सोना दूसरे नंबर पर है। अगर आप सोना नहीं खरीदेंगे, तो भारत का इम्पोर्ट बिल घटेगा। इससे फॉरेन रिजर्व में डॉलर स्थिर बना रहेगा और रूपया तेजी से कमजोर नहीं होगा।
सोना कम खरीदा लेकिन बिल बढा
2025-26 में भारत ने पिछले कारोबारी साल के मुकाबले 4.76 प्रतिशत कम मात्रा में सोना खरीदा, लेकिन सोने के इम्पोर्ट बिल में 24 प्रतिशत तक का उछाल आया। इसकी सबसे बड़ी वजह थी- सोने की तेजी से बढ़ती कीमतें। सोने का दाम 76 हजार डॉलर प्रति किलो से बढ़कर 1 लाख डॉलर प्रति किलो तक पहुंच गया। फिलहाल सोने की कीमत करीब 1.52 लाख डॉलर प्रति किलो है। इन कीमतों पर सोना खरीदने से भारत के फॉरेन रिजर्व में डॉलर तेजी से घटेगा। सोने की बढ़ी कीमतों के चलते गोल्ड इम्पोर्टर्स हाथ पीछे खींच रहे हैं और कम सोना भारत आ रहा है।
सोना कम खरीदा जाएगा
जनवरी में करीब 100 टन, फरवरी में करीब 65 टन और मार्च में करीब 22 टन सोना खरीदा गया। अप्रैल में अनुमान है कि सिर्फ 15 टन सोना खरीदा जाएगा, जो पिछले 30 सालों के सबसे निचले स्तर में से एक है। सोने की घरेलू कीमतें 1.50 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम ज्यादा हैं, जिसका असर कस्टमर की जेब पर पड़ रहा है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल के मुताबिक 2026 की पहली तिमाही में भारत में निवेश के लिए सोने की मांग गहनों से भी ज्यादा है।
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