CJP : दिल्ली में 5 सितंबर को होने वाले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के मार्च पर रोक लगाने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि इस मार्च से कोई अप्रिय घटना होगी, ऐसा मानने की कोई ठोस वजह नहीं है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि प्रशासन से उम्मीद है कि वह कानून-व्यवस्था बनाए रखेगा और सभी पक्षों को जिम्मेदारी से और कानून के मुताबिक काम करना सुनिश्चित करेगा।
सीजेपी ने मार्च में शामिल होने की अपील की
जानकारी के अनुसार कॉकरोच पार्टी 5 सितंबर को फिर से दिल्ली में मार्च निकालने वाली है। उन्होंने लोगों से इसमें शामिल होने की भी अपील की। CJP के मार्च में सुसाइड करने वाले छात्रों के परिजन भी आएंगे 5 सितंबर को मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर नई दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक जाएगा। इसमें उन स्टूडेंट्स के परिजन भी शामिल होंगे, जिन्होंने NEET पेपर लीक के बाद सुसाइड किया था। 24 अगस्त को CJP ने अपनी वर्किंग कमेटी की वर्चुअल मीटिंग के बाद यह फैसला लिया था। पार्टी ने कहा कि सरकार ने कहा था कि छात्रों पर दर्ज केस खत्म होंगे, पर ऐसा नहीं हुआ। उन्हें हमारे धैर्य को कमजोरी नहीं समझना चाहिए।
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने की याचिका
सीजेपी के प्रदर्शन को लेकर याचिका रिटायर्ड दिल्ली पुलिस अधिकारी राजेंद्र सिंह ने दाखिल की थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट को देखते हुए बड़े जुलूस और प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए।
सरकार ने चार में से तीन मांगें अभी नहीं मानी
कॉकरोच जनता पार्टी ने शनिवार को सरकार पर मांगे पूरी न करने का आरोप लगाया है। सीजेपी ने एक्स पर लिखा कि सरकार हर बार अधूरे वादे करके बच नहीं सकती। सरकार के सामने रखी गईं चार में से तीन मांगें अब भी अधूरी हैं। पहली- छात्रों के परिवारों को मुआवजा दिया जाए। दूसरी- छात्रों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस ली जाए और कोई कार्रवाई न की जाए। तीसरी- आरएएफ और दिल्ली पुलिस माफी मांगे।
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