Nepal Flood : नेपाल के रसुवा जिले में तिब्बत सीमा के पास बनी झील फट गई है। तिब्बत की तरफ पानी का बहाव फिर से बढ़ने की जानकारी मिली है। इसलिए राहत और बचाव के काम में लगे सभी सुरक्षाकर्मियों, बचावकर्मियों और आम लोगों से तुरंत सतर्क रहने और सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की गई है। लोगों से यह भी कहा गया है कि आसपास के लोगों को भी इस खतरे की जानकारी दें और सुरक्षित स्थान पर पहुंचने में मदद करें। खतरे को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन रोक दिया गया है। इसके बाद नेपाली अधिकारियों ने लोगों और सुरक्षाकर्मियों से तुरंत सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा है।
चीन ने लेवल-4 अलर्ट जारी किया
चीन ने भी तिब्बत में राहत और बचाव अभियान रोक दिया है और लेवल-4 अलर्ट जारी किया है। दोबारा बाढ़ आने के खतरे को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। बुधवार को आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद दोनों देशों में अब भी सैकड़ों लोग लापता हैं। बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 478 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1,500 से ज्यादा लोग लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।
UAE का नेपाल को 1 करोड़ डॉलर की मदद
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भोटेकोशी बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 1 करोड़ डॉलर की आपातकालीन राहत सहायता देने का ऐलान किया है। UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के निर्देश पर यह सहायता मुहैया कराई जा रही है।
नेपाल ने कई देशों की रेस्क्यू टीमों की मदद ठुकराई
नेपाल सरकार ने भारत, चीन, अमेरिका, ब्रिटेन समेत कई देशों की ओर से भेजी गई विदेशी रेस्क्यू टीमों की पेशकश ठुकरा दी है। सरकार का कहना है कि नेपाल की सेना और पुलिस खुद राहत-बचाव अभियान संभालने में सक्षम हैं। यह फैसला नेपाली सेना और पुलिस की सलाह के बाद लिया गया है। नेपाल के अधिकारियों के मुताबिक, 2015 के भूकंप के दौरान बड़ी संख्या में विदेशी रेस्क्यू टीमों के आने से बचाव अभियान के तालमेल में दिक्कतें आई थीं। इसी को देखते हुए इस बार विदेशी टीमों की जगह आर्थिक मदद लेने का फैसला किया गया है। भारत ने भी NDRF भेजने की पेशकश की थी, जिसे नेपाल ने स्वीकार नहीं किया।
रसुवा में हेलिकॉप्टर से हवाई निरीक्षण की तैयारी
बाढ़ के बाद बनी झील के चीन की ओर बढ़ने की खबरों के बीच भोटेकोशी और रसुवा के आसपास के इलाकों में नए खतरे का जायजा लेने की तैयारी की जा रही है। त्रिभुवन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रेस्क्यू कोऑर्डिनेशन सेंटर (RCC) के अधिकारी के मुताबिक, धुंचे और रसुवा में पहले से तैनात हेलीकॉप्टरों को हवाई निरीक्षण के लिए भेजा जाएगा।
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