Farmers : फागी तहसील के ग्राम केरिया स्थित भामू फार्म हाउस पर किसानों की बैठक आयोजित हुई। बैठक में किसानों ने जागरूकता अभियान चलाने का संकल्प लिया। इसके तहत फागी तहसील के प्रत्येक गांव में पहुंचकर किसान महापंचायत की सदस्यता बढ़ाने और कार्यकारिणी के गठन का अभियान चलाया जाएगा। बैठक में किसानों से जुड़े फसल मूल्य, प्राकृतिक आपदा राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। किसानों ने कहा कि सरकारी योजनाओं और अधिकारों की जानकारी के अभाव में कई बार पात्र किसान भी लाभ से वंचित रह जाते हैं, इसलिए गांव-गांव जागरूकता जरूरी है।
प्राकृतिक आपदा राहत के प्रावधानों की दी जानकारी
बैठक में बताया गया कि फसल तैयार होने से पहले प्राकृतिक आपदा के कारण 33 प्रतिशत से अधिक फसल नष्ट होने की स्थिति में आपदा राहत के तहत सहायता राशि देने का प्रावधान है। किसान प्रतिनिधियों के अनुसार असिंचित भूमि के लिए 8,500 रुपये, सिंचित भूमि के लिए 17,000 रुपये और बाग-बगीचों वाली भूमि के लिए 22,500 रुपये तक सहायता राशि का प्रावधान है। किसानों ने आरोप लगाया कि कई मामलों में इन प्रावधानों की प्रभावी पालना नहीं होने के कारण प्रभावित किसानों को समय पर राहत नहीं मिल पाती।
फसल बीमा योजना की प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
बैठक में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लेकर भी चर्चा हुई। किसानों ने कहा कि औसत से कम उत्पादन होने की स्थिति में बीमा क्लेम का प्रावधान है, लेकिन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी नहीं होने के कारण कई किसान प्रीमियम राशि जमा करने के बावजूद बीमा क्लेम से वंचित रह जाते हैं। किसान महापंचायत से जुड़े प्रतिनिधियों ने बीमा प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता जताई, ताकि नुकसान झेलने वाले किसानों को समय पर मुआवजा मिल सके।
MSP घोषित होने के बावजूद कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी
किसानों ने न्यूनतम समर्थन मूल्य का मुद्दा भी उठाया। बैठक में कहा गया कि सरकारों की ओर से विभिन्न फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित किए जाने के बावजूद कई किसानों को अपनी उपज औने-पौने दामों में बेचनी पड़ती है। किसानों का कहना था कि समर्थन मूल्य का वास्तविक लाभ तभी मिल सकता है जब खरीद व्यवस्था मजबूत हो और किसानों को अपनी उपज के सही मूल्य की जानकारी तथा बाजार तक पर्याप्त पहुंच मिले।
‘खेत को पानी, फसल को दाम, युवाओं को काम’ का दिया मंत्र
बैठक में किसानों ने “खेत को पानी-फसल को दाम-युवाओं को काम” को किसानों की समृद्धि का मूल मंत्र बताया। वक्ताओं ने कहा कि किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने से देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। किसानों ने कहा कि अपने अधिकारों, सरकारी योजनाओं और कृषि से जुड़े प्रावधानों की जानकारी के लिए जागरूकता जरूरी है। इसी उद्देश्य से फागी तहसील के गांवों में अभियान चलाया जाएगा।
गांव-गांव पहुंचेगी किसान महापंचायत
बैठक में निर्णय लिया गया कि फागी तहसील के प्रत्येक गांव में किसानों से संपर्क किया जाएगा। किसान महापंचायत की सदस्यता के साथ गांव स्तर पर कार्यकारिणियों का गठन किया जाएगा और किसानों को फसल बीमा, आपदा राहत, न्यूनतम समर्थन मूल्य सहित अन्य अधिकारों की जानकारी दी जाएगी। बैठक में स्थानीय लोकोक्ति “सोता को पाड़ा-जागते को पाडी” का उल्लेख करते हुए किसानों से अपने अधिकारों के प्रति सजग और संगठित रहने का आह्वान किया गया।
ये किसान रहे मौजूद
संकल्प लेने वालों में फागी तहसील अध्यक्ष रामेश्वर घासल, जय नारायण भाबू, सीताराम केरिया, कानाराम भाबू, ग्राम सेवा सहकारी समिति परवन के अध्यक्ष कानाराम बड़ौदा, हनुमान भाबू, चतुर्भुज भामू, मंगलम ढाका, प्रहलाद भामू, रामजीलाल केरिया, कैलाश लसाडिया, रामदेव मामू, महेश भामू, शंकर सूतलिया और नीमेड़ा से जवाहरलाल गेट सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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