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संसद में मानसून सत्र का अंतिम सप्ताह, विपक्षी सांसदों का प्रदर्शन जारी

Opposition protest

Opposition protest in Parliament : संसद के मानसून सत्र इस सप्ताह खत्म हो जाएगा लेकिन विपक्ष के हंगामें के चलते सदन की कार्यवाही किसी भी दिन पूरी नहीं चल सकी है। सोमवार को भी विपक्ष का संसद में हंगामा जारी रहा। इसके कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही चंद मिनट ही चल सकी। दोन सदनों की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई है।

प्रियंका बोली-गृह मंत्री सदन में आकर जवाब दें

सोमवार को सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह संसद में आकर बयान नहीं देते, सदन में गतिरोध जारी रहेगा। प्रियंका गांधी अपने हाथों में एक चार्ट लिए हुए थीं जिस पर पूरे सप्ताह के दिनांक के आगे गृह मंत्री को एबसेंट लिखा हुआ था।

कांग्रेस मांग रही जवाब

सदन में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियां 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई और अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर सरकार से जवाब की मांग कर रही है। कांग्रेस ने लोकसभा और राज्यसभा के अपने सांसदों को 10, 11 और 12 अगस्त को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी किया है। पार्टी ने इंडिया ब्लॉक के सहयोगी दलों से भी इन तीनों दिनों अपने सांसदों की मौजूदगी सुनिश्चित करने को कहा है।

महिला आरक्षण-परिसीमन और एफसीआरए बिल

20 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र का 13 अगस्त को आखिरी दिन है। पिछले 3 हफ्तों के दौरान दोनों सदनों में लगातार हंगामा और स्थगन हुआ है। महिला आरक्षण, परिसीमन और एफसीआरए संशोधन बिल पर सरकार की रणनीति को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। लोकसभा के सोमवार के एजेंडे में इनमें से किसी भी बिल को शामिल नहीं किया गया है। अब तक दोनों सदनों में सिर्फ पब्लिक एग्जामिनेशन (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन बिल, 2026 पर चर्चा हुई और इसे दोनों सदनों से पारित किया गया। इसके अलावा तीन अन्य बिल दोनों सदनों से बिना चर्चा के पारित हुए, जबकि दो अन्य बिल लोकसभा से पारित किए गए।

अखिलेश बोले- सरकार सवाल से भाग रही, जवाब क्यों नहीं देती

सपा सांसद अखिलेश यादव ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस एक्सन, राम मंदिर चढ़ावा चोरी, महिला आरक्षण, परिसीमन और एफसीआरए बिल सहित अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- हम सरकार से पूछते हैं कि लाठियां क्यों चलाई गईं, आंसू गैस के गोले क्यों दागे गए और बिजली के झटके क्यों दिए गए। सरकार जवाब क्यों नहीं देती। सवालों से क्यों भाग रही है।

अखिलेश ने सरकार पर कई आरोप लगाए

समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अभी एफसीआरए ला रही है। जबकि भारत सरकार ने हमें भरोसा दिलाया था कि भारतीयों का पैसा देश से बाहर नहीं जाएगा। अनगिनत लोगों ने भारत से बड़ी रकम बाहर भेजी है, आधिकारिक और अनौपचारिक दोनों तरीकों से। सच यह है कि वे संस्थानों पर कब्जा करना चाहते हैं। एफसीआरए के जरिए इन संस्थानों को अपने नियंत्रण में लेने के रास्ते तलाशे जा रहे हैं। यादव ने आरोप लगाया है कि मूल रूप से एक बहुत बड़ी ‘लैंड माफिया’ पार्टी है। अगर उन्हें कोई तालाब या खाली जमीन दिखाई देती है और जिस तरह अयोध्या की पवित्र धरती पर आस्था के साथ खिलवाड़ किया गया, उससे जमीन की कीमतें कुछ ही मिनटों में आसमान छूने लगीं।

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