KBP Times

NEET पेपरलीक का CBI की चार्जशीट में खुलासा, NTA के तीन एक्सपर्ट ने रचा खेल

CBI Chargesheet against NTA experts

CBI Chargesheet : सीबीआई ने दिल्ली कोर्ट में नीट पेपरलीक मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है जिसमें तीन एनटीए एक्सपर्ट शामिल हैं। चार्जशीट के मुताबिक, नीट पेपर लीक किसी एक व्यक्ति की साजिश नहीं थी, बल्कि एनटीए एक्सपर्ट्स, प्राइवेट कोचिंग संचालकों, बिचौलियों और कुछ छात्रों की मिलीभगत से पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था।

महीनों पहले रची साजिश

सीबीआई की चार्जशीट के मुताबिक पेपर लीक की साजिश परीक्षा से कई महीने पहले रची गई थी। एनटीए के एक्सपर्ट्स ने पेपर तैयार करने के दौरान ही सवाल याद कर लिए थे। चार्जशीट के मुताबिक, एक्सपर्ट्स नीट ऑफिस से होटल लौटकर याद किए गए सवाल पर्चियों पर लिखते थे। इसके बाद इन्हें बिचौलियों और कोचिंग नेटवर्क के जरिए छात्रों तक पहुंचाया जाता था। ब्ठप् का दावा है कि लीक पेपर टेलीग्राम, वॉट्सएप, च्क्थ् और अन्य डिजिटल माध्यमों से भी फैलाए गए। एजेंसी का आरोप है कि तीनों ने पेपर तैयार करने और मॉडरेशन के दौरान अपने पद का दुरुपयोग कर पेपर लीक किए।

साजिश कैसे की महीनों पहले नेटवर्क खड़ा किया

एजेंसी के अनुसार, परीक्षा से कई महीने पहले ही कोचिंग संचालकों और बिचौलियों ने एनटीए के तीनों एक्सपर्ट्स से संपर्क साध लिया था। इनके बीच लगातार बातचीत, मुलाकातें और पैसों का लेन-देन हुआ, जिसके जरिए पेपर लीक की पूरी साजिश रची गई।

ऐसे हुआ पेपर लीक

चार्जशीट के मुताबिक बताया गया है कि एनटीए एक्सपर्ट मनीषा गुरुनाथ मंधारे, पीवी कुलकर्णी और मनीषा संजय हवलदार एनटीए ऑफिस में पेपर तैयार करने के दौरान सवाल याद करते थे। फिर होटल लौटकर सवाल पर्चियों पर लिखते थे। एनसीआरटी की किताबों में संबंधित चैप्टर और पैराग्राफ मार्क किए जाते थे, ताकि लीक सवालों को व्यवस्थित तरीके से आगे भेजा जा सके। चार्जशीट के मुताबिक, ऑफिस में आते-जाते समय एक्सपर्ट्स की तलाशी नहीं होती थी। उन्हें रफ वर्क के लिए सादे कागज दिए जाते थे। कुलकर्णी ने इन पर केमिस्ट्री के 135 सवाल और उनके ऑप्शन नोट किए। उन्होंने केमिस्ट्री पेपर का मराठी से अंग्रेजी में बैक-ट्रांसलेशन भी किया।

पेपर छात्रों तक बिचौलियों और कोचिंग संचालकों के जरिए

सीबीआई के मुताबिक, सवाल सीधे छात्रों तक नहीं पहुंचते थे। एनटीए एक्सपर्ट्स पहले उन्हें बिचौलियों और प्राइवेट कोचिंग संचालकों तक पहुंचाते थे। इसके बाद वॉट्सएप चैट, टेलीग्राम मैसेज, पीडीएफ और फोटो के जरिए ये सवाल छात्रों को भेजे जाते थे। कुछ प्राइवेट कोचिंग में छात्रों से लीक सवाल हाथ से लिखवाए गए और परीक्षा की तैयारी कराई गई। एजेंसी के मुताबिक, यह तरीका डिजिटल सबूत छोड़ने से बचने के लिए अपनाया गया था। तलाशी के दौरान सीबीआई को ऐसी कई हाथ से लिखी कॉपियां मिली हैं।

डिजिटल सबूत मिले

सीबीआई के मुताबिक फोरेंसिक जांच, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, चैट रिकॉर्ड, बरामद दस्तावेज और गवाहों के बयान से पूरे नेटवर्क की पुष्टि हुई। चार्जशीट में मनीषा संजय वाघमारे, धनंजय लोखंडे, शुभम मधुकर खैरनार और यश यादव को इस नेटवर्क की अहम कड़ी बताया गया है। ये लीक पेपर आगे छात्रों तक पहुंचाते थे। यह पूरा घटनाक्रम 2025 के आखिर और 2026 की शुरुआत का है। जब पेपर तैयार किए जा रहे थे। चार्जशीट में कहा गया है कि एक आरोपी ने लीक पेपर के बदले बिचौलिए को अपने 10वीं और 12वीं के सर्टिफिकेट्स और ब्लैंक चेक भी सिक्योरिटी के तौर पर दिया था। एजेंसी का दावा है कि इससे साफ होता है कि यह पूरी तरह पैसों का सौदा था।

चार्जशीट में कोचिंग संचालक और डॉक्टर भी आरोपी

चार्जशीट में डॉ. अभंग प्रभु मेडिकल एकेडमी, पुणे के सीओओ तेजस हर्षदकुमार शाह, रेणुकाई करियर सेंटर के मैनेजिंग पार्टनर शिवराज मोटेगांवकर और सिद्धिविनायक हॉस्पिटल के मालिक डॉ. मनोज भगवानराव शिरुरे को भी साजिश का हिस्सा बताया है। जांच के मुताबिक, इन लोगों ने बाहर पूरे नेटवर्क का संचालन किया और लीक पेपर छात्रों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। पेपर लीक का मकसद अवैध कमाई और कुछ कोचिंग संस्थानों के रिजल्ट बेहतर दिखाना था।

13 आरोपियों के बैंक खाते-लॉकर फ्रीज किए

आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत मिटाने, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत मामला दर्ज किया है। एजेंसी ने आरोपियों के बैंक खाते, बैंक लॉकर और एक डीमैट अकाउंट भी फ्रीज किए हैं।

हो सकती है आजीवन कारावास की सजा 

तीनों एनटीए एक्सपर्ट्स पर लोक सेवक के तौर पर भरोसा तोड़ने, पेपर लीक और भ्रष्टाचार समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता , लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत मामला दर्ज किया गया है। दोषी साबित होने पर आजीवन कारावास या 10 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 की धारा 11 के तहत दोष सिद्ध होने पर 7 से 10 साल की जेल और कम से कम 10 करोड़ रुपए जुर्माने का प्रावधान है।

यह भी पढ़ें –बेरोजगारी बनेगा CJP का मुद्दा, सितंबर में कैंपेन ‘क्या बोलती पब्लिक’

यह भी देखें – गलताजी का सबसे बड़ा रहस्य! आखिर क्यों कभी नहीं सूखता पवित्र गलता कुंड? | Jaipur Galta Ji | KBP Times

 

ताजा खबरें

ताजा खबरें

Ethiraj the maker of Singol

ऐतिहासिक ‘सेंगोल’ बनाने वाले एथिराज नहीं रहे; 1947 में नेहरू को मिला, PM मोदी 2023 में संसद लाए

Rijiju and kharge

परिसीमन बिल पर तकरार; रिजिजू ने खरगे को दिया जवाब-कांग्रेस ने चर्चा के लिए तारीख नहीं दी

Sindoor Khela

मां दुर्गा की विदाई; महिलाओं ने ‘सिंदूर खेला’ की रस्म निभाई; बेटी मानकर मायके से किया विदा

Rajendra Sen

जयपुर में ऋतु बराला केस में जीरो FIR पर विवाद: पुलिस प्रशासन पर उठे सवाल

Weapons by women

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हमले के लिए हथियार अमृतसर से लाए, दो युवतियों ने मुंबई तक पहुंचाया

Hardeep Puri

यौन अपराधी एपस्टीन के साथ अकेले फोटो से घिरे हरदीप पुरी, उठे सवाल

Delhi High Court and CJP

CJP के नेता सौरव और आशुतोष ने हाईकोर्ट से याचिका वापस ली, कोर्ट ने कहा-बॉन्ड की शर्तो का किया उल्लंघन

Home Minister

गृह मंत्री शाह बोले- देश को 2029 तक नशामुक्त बनाने का लक्ष्य, देशव्यापी आंदोलन की आवश्यकता

marc rubio

अमेरिका बोला- मतभेद के बावजूद संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, विदेश नीति के लिए जरुरी

2

2