Anti Paper Leak Bill: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने आज बुधवार को एंटी पेपर लीक बिल पर बोलते हुए कहा कि अपनी बात शुरू करने से पहले, मैं यह कहना चाहता हूं कि देश के भविष्य ने हमारी सड़कों पर जो किया, उसे देखकर मैं बहुत उत्साहित और आश्वस्त महसूस कर रहा हूं. यह गुस्सा नहीं था, यह हिंसा नहीं थी, यह नफरत नहीं थी. यह देश के युवाओं, देश की आने वाली पीढ़ी की भावना का इज़हार था, और मुझे लगता है कि सभी राजनीतिक दलों को, जिसमें BJP के मेरे साथी भी शामिल हैं, इस भावना का सम्मान करना चाहिए.
राहुल गांधी ने आगे कहा कि असल में, मुझे पूरा यकीन है और मैंने इसके उदाहरण भी देखे हैं कि अगर बीजेपी में मेरे दोस्त अपने ही बच्चों से पूछें कि उनके भाई-बहन जो कर रहे हैं, उसके बारे में वे क्या सोचते हैं, तो उन्हें अपने बच्चों की सहमति ही मिलेगी. जो हुआ है उसमें कुछ भी गलत नहीं है और हर भारतीय को इस पर गर्व होना चाहिए. अब, मुझे लगा कि मैं अगली पीढ़ी के बारे में भाषण देने जा रहा हूं. इसलिए मैं सोच रहा था कि इस भाषण की शुरुआत कैसे करूं? इस भाषण की शुरुआत कहां से होनी चाहिए? मुझे लगा कि शुरुआत करने का एक अच्छा तरीका वह बातचीत हो सकती है जो मैंने कुछ छात्राओं, युवा लड़कियों के साथ की थी, जिससे मुझे एक बहुत ही दिलचस्प नज़रिया मिला. यह उनका नजरिया था, लेकिन मुझे लगता है कि मैं उस नज़रिए से सहमत हूं मैं सबसे पहले इस बात को यहां रखना चाहूंगा. मैंने उस लड़की से यह सवाल पूछा था. तुमने मुझसे कहा कि तुम एक छात्रा हो. इसका क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि तुम कॉलेज में पढ़ती हो? क्या इसका मतलब यह है कि तुम स्कूल में पढ़ती हो? क्या इसका मतलब यह है कि तुम किताबें पढ़ती हो? इसका क्या मतलब है?
“कोई दूसरा बेवकूफ ही भगवान है”
उन्होंने कहा कि इस दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी स्टूडेंट हो सकता है – किसान स्टूडेंट हो सकता है, वकील स्टूडेंट हो सकता है, डॉक्टर स्टूडेंट हो सकता है. बेरोजगार युवा भी स्टूडेंट हो सकता है. यह सीखने और समझने की प्यास है, जैसे स्पंज होता है. आप सब कुछ सोख लेना चाहते हैं, समझना चाहते हैं. यह बहुत खूबसूरत है. यह बाकी दुनिया का सम्मान करने जैसा भी है और इन बेवकूफों का क्या? वह मुझसे कहती हैं, ‘ये बेवकूफ, ये किसी की बात नहीं सुनते’. एक छात्रा के साथ हुई बातचीत को याद करते हुए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि “उसने कहा कि एक छात्र गर्व से सच को अपनी छाती पर पहनता है. मैंने पूछा, दूसरी तरह के छात्र का क्या? उसने कहा कि दूसरी तरह के छात्र को एक ‘इमेज’ की ज़रूरत होती है. उसे एक इमेज चाहिए होती है और चूंकि वह इमेज सच नहीं होती- क्योंकि वह ‘बेवकूफ’ खुद को भगवान दिखाने की कोशिश कर रहा होता है- इसलिए उसे एक बहुत बड़ी इमेज बनानी पड़ती है. मैंने उससे पूछा कि ये तीसरी श्रेणी कहां जाती है? ‘अंधभक्त’ वाली श्रेणी… उसने कहा, ‘अंधभक्त’ वह व्यक्ति है जिसे पूरा यकीन होता है कि कोई दूसरा बेवकूफ ही भगवान है.
किरेन रिजिजू और राजनाथ सिंह राहुल गांधी को टोका
वहीं संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के भाषण के बीच दखल देते हुए कहा कि मेरा मानना है कि राहुल गांधी एक स्टूडेंट के नाम पर बार-बार ऐसे शब्द का इस्तेमाल कर रहे हैं. वही इसका इस्तेमाल कर रहे हैं. वह एक स्टूडेंट का नाम लिए बिना उसका जिक्र कर रहे हैं. वह जो शब्द इस्तेमाल कर रहे हैं, वह एक असंसदीय शब्द है. इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, इसे हटा देना चाहिए और एक स्टूडेंट के संदर्भ में एक ही शब्द का बार-बार इस्तेमाल करना सही नहीं है. इसका गलत इस्तेमाल किया गया है. उनके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं विनम्रतापूर्वक अनुरोध करना चाहता हूं कि जिस असंसदीय शब्द का प्रयोग विपक्ष के नेता (LoP) द्वारा किया गया है उसे कार्यवाही से हटा दिया जाए.
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