Rahul Gandhi: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने छात्रों के प्रदर्शन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि छात्रों के खिलाफ पूरा का पूरा सिस्टम ही जानलेवा है. खबर आ रही है कि बिहार में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर AK-47 से गोलियां चलाई गई हैं और सैकड़ों छात्रों को गिरफ़्तार करके उनपर FIR की जा रही है. पीएम मोदी, कहां गया आपका वादा कि छात्रों पर कोई FIR नहीं की जाएगी और उन्हें रिहा कर दिया जाएगा? उल्टा उनपर घातक हमले और बर्बरता की जा रही है. दिल्ली में छात्रों पर पेलेट गन चली और बिहार में AK-47. उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार हो या दिल्ली हर जगह पैटर्न एक ही है. पहले भी कहा है, ये सरकार झूठी है. सुधार इनके बस का नहीं है. अपनी बातों से मुकर जाएगी और हर तरकीब से छात्रों की आवाज़ दबाएगी. पीएम मोदी, देश के छात्रों से माफ़ी मांगिए और जिन्होंने छात्रों पर हमला किया है, उन्हें कुचला है उनपर कार्रवाई कीजिए, छात्रों पर नहीं.
कांग्रेस के अन्य सांसदों ने भी साधा निशाना
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि निहत्थे और अहिंसात्मक प्रदर्शनकारियों के ऊपर पैलेट गन और AK-47 का इस्तेमाल उचित है? इसका सीधा जवाब यह है कि यह पूरी तरह से अनुचित है. जब भी कोई प्रदर्शन होता है तो ऐलान होता है कि धारा 144 लागू है और आप यहां से हट जाइए. अगर प्रदर्शनकारी नहीं हटते तब वाटर कैनन का इस्तेमाल किया जाता है, लाठी चार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया जाता है. अगर स्थिति अधिक संवेदनशील हो जाए तो इसके बाद उच्चतम अधिकारी फायरिंग का आदेश देता है. पिछले सोमवार आपने निहत्थे छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया और बिहार से वीडियो वायरल हो रही है कि एक कांस्टेबल AK-47 लेकर बच्चों के पीछे दौड़ रहा है तो यह अमानवीय है.

“यह आदेश कौन दे रहा है?”कांग्रेस सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्ण लाठी चार्ज किया जिसमें कीले भी थीं. पैलेट गन का प्रयोग हुआ और बिहार में तो छात्रों पर AK-47 का प्रयोग हुआ था. यह आदेश कौन दे रहा है? प्रधानमंत्री मोदी को जवाब देना होगा. प्रधानमंत्री मोदी को देश के सामने इस पूरी स्थिति को स्पष्ट करना होगा.
“PM मोदी की नैतिक ताकत खत्म हो चुकी है”
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि आप नौजवानों पर पैलेट गन चलाए और सोचे कि संसद में उसकी आवाज नहीं उठेगी तो यह गलत है. बिना कांग्रेस के प्रधानमंत्री मोदी सांस भी नहीं ले सकते हैं. प्रधानमंत्री मोदी की नैतिक ताकत खत्म हो चुकी है.



