Rose Plant: बारिश का मौसम सिर्फ हरियाली ही नहीं लाता, बल्कि बागवानी करने वालों के लिए भी यह सबसे अच्छा समय माना जाता है. इस मौसम में मिट्टी में नमी बनी रहती है, जिससे पौधों की जड़ें तेजी से विकसित होती हैं. अगर बारिश के इस सुहावने मौसम में अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन को रंग-बिरंगे फूलों से सजाना चाहते हैं, तो बारिश के दौरान गुलाब की कुछ खास वैरायटी लगा सकते हैं. सही किस्म चुनने और थोड़ी-सी देखभाल करने से आपके पौधे लंबे समय तक खूबसूरत फूल देते रहेंगे-
बारिश में गुलाब लगाते समय रखें इन बातों का ध्यान –
ऐसे गमले या जगह का चुनाव करें जहां पानी जमा न हो.
मिट्टी में गोबर की खाद या वर्मी कम्पोस्ट मिलाएं.
पौधे को रोजाना 4-5 घंटे धूप जरूर मिले.
बारिश के बाद पीली या सड़ी हुई पत्तियों को हटा दें.
जरूरत पड़ने पर जैविक फंगीसाइड का इस्तेमाल करें, ताकि फंगल इंफेक्शन से बचाव हो सके.
देसी गुलाब
अगर आप कम देखभाल वाला गुलाब चाहते हैं, तो देसी गुलाब सबसे अच्छा ऑप्शन है. यह बारिश के मौसम को अच्छी तरह सहन कर लेता है और इसकी खुशबू भी बेहद मनमोहक होती है. देसी गुलाब की जड़ें मजबूत होती हैं, इसलिए यह जल्दी बढ़ता है और बार-बार फूल देता है.
फ्लोरिबुंडा गुलाब
फ्लोरिबुंडा गुलाब अपने गुच्छों में खिलने वाले फूलों के लिए जाना जाता है. एक ही शाखा पर कई फूल आने से पौधा बेहद आकर्षक दिखाई देता है. यह वैरायटी बारिश के मौसम में भी अच्छी ग्रोथ करती है. अगर आप गार्डन में ज्यादा रंग चाहते हैं, तो यह बेहतरीन विकल्प हो सकता है.
मिनिएचर रोज
जिन लोगों के पास ज्यादा जगह नहीं है, उनके लिए मिनिएचर रोज एकदम सही है. इसे आसानी से छोटे गमलों में लगाया जा सकता है. बालकनी और टैरेस गार्डन के लिए यह वैरायटी काफी पसंद की जाती है. सही धूप और नियमित देखभाल मिलने पर इसमें लगातार फूल आते रहते हैं.
हाइब्रिड टी रोज
अगर आपको बड़े और अट्रैक्टिव फूल पसंद हैं, तो हाइब्रिड टी रोज (ठमेज त्वेम टंतपमजपमे वित डवदेववद) लगा सकते हैं. इसके फूल लंबे समय तक ताजगी बनाए रखते हैं और कई खूबसूरत रंगों में मिलते हैं. बारिश के मौसम में इस पौधे में पानी जमा नहीं होना चाहिए, वरना जड़ें खराब हो सकती हैं.
क्लाइम्बिंग रोज
अगर घर की दीवार, गेट या आर्च को फूलों से सजाना चाहते हैं, तो क्लाइम्बिंग रोज बेहतरीन विकल्प है. यह तेजी से फैलता है और थोड़े समय में पूरे हिस्से को रंग-बिरंगे फूलों (ठमेज त्वेम टंतपमजपमे वित डवदेववद) से भर देता है. बारिश के मौसम में इसकी बढ़वार और भी अच्छी होती है.
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