US Iran Conflict: अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव लगातार बढ़ता जा रहा है. अमेरिका में लगातार 9वीं रात ईरान पर हवाई हमले किए. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने अमेरिकी समयानुसार शाम को 7 बजे ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया मोर्चा खोल दिया. ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की याद में और उन्हें सम्मान देने के लिए ईरान पर हमले किए जा रहे हैं. उनका मकसद ईरानी सैन्य क्षमताओं को पूरी तरह से नेस्तनाबूद करना है. बता दें कि ईरानी हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी. सैनिकों की मौत पर जब ट्रंप से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि हमें बहुत बुरा लग रहा है. जो लोग मारे गए हैं वो इसलिए लड़ रहे थे ताकि ईरान के पास परमाणु हथियार न आ सकें.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका ने उत्तर पश्चिम शहर तबरीज समेत कई इलाकों को निशाना बनाया है. वहीं ईरानी मीडिया ने दक्षिणी प्रांत होरमोजगान और बुशेहर में तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की पुष्टि की है.
“सीरिया में एक दुश्मन कमांड सेंटर पर हमला किया”
वहीं दूसरी तरफ ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने यह दावा किया है कि उन्होंने सीरिया में एक दुश्मन कमांड सेंटर पर हमला किया है. IRNA ने टेलीग्राम पर पोस्ट कर बताया कि ईरान की दक्षिणी-पूर्व में स्थित शहर ईरानशहर के शहर सैनिकों के खून का बदला लेने के लिए सीरिया के अल-तनफ इलाके में दुश्मन के स्पेशन ऑपरेशन्स कमांड सेंटर पर हमला किया गया. ईरान ने रविवार को कुवैत में 2 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है. तेहरान का कहना है कि इन हमलों में परिवहन और बुनियादी ढांचा स्थलों को निशाना बनाया गया है.
“अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी”
ईरान अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका के खिलाफ उसकी जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी. जब तक अमेरिका की ओर से हवाई हमले जारी रहेंगे तब तक ईरान पलटवार करता रहेगा. ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची बोले कि लोगों की जान और देश के भविष्य को खतरे में नहीं डाला जा सकता. हर फैसला पूरी जानकारी और सही आकलन के बाद ही लिया जाना चाहिए. सरकार को देखना चाहिए कि यु्द्ध जारी रखने से फायदा हो रहा है या नुकसान.
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