Satluj : दिलजीत दोसांझ की फिल्म सतलुज को आईटी नियम 2021 के तहत सरकारी आदेश पर ओटीटी प्लेटफार्म से हटा दिया गया है। सतलुज फिल्म पंजाब में नब्बे के दशक में आतंकवाद दौर की कहानी पर बनी है। केन्द्र सरकार का मानना है कि इस फिल्म के प्रदर्शन से देश विरोधी गतिविधियों को प्रेरणा मिल सकती है इसलिए राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर फिल्म के प्रदर्शन को रोका गया है। वहीं दिलजीत दोसांझ का कहना है कि फिल्म पहले ही इंटरनेट के माध्यम से लाखों लोग देख चुके हैं अब इस पर प्रतिबंध लगाने का कोई अर्थ नहीं है। दिलजीत दोसांझ ने कहा कि विचारों को रोका नहीं जा सकता। बता दें कि फिल्म सतलुज 2 जुलाई को ओटीटी प्लेटफॉर्म जी 5 पर रिलीज हुई थी, जिसे बिना कारण बताए 5 जुलाई को हटा दिया गया। फिल्म हटाए जाने से विवाद भी खड़ा हो गया। कई सेलेब्स इसका विरोध करते हुए दिलजीत और फिल्ममेकर्स का समर्थन कर रहे हैं। दिलजीत ने भी फैंस से ज्यादा से ज्यादा फिल्म डाउनलोड की गई फिल्म शेयर करने की अपील की है।
सतलुज को जी 5 से हटाने का निर्देश
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र सरकार ने फिल्म सतलुज को जी 5 से हटाने का निर्देश दिया। सरकारी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला सुरक्षा संबंधी चिंताओं और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) रूल, 2021 के तहत तय दायित्वों का हवाला देते हुए लिया गया। मीडिया रिपोर्ट में एक सरकारी अधिकारी के मुताबिक, फिल्म निर्माताओं ने 2022 में पंजाब 95 टाइटल से सर्टिफिकेशन के लिए आवेदन किया था। हालांकि, सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए 127 कट स्वीकार नहीं किए गए, जिसके बाद फिल्म की रिलीज रोक दी गई।
सेंसर बोर्ड के कट नहीं हटाने पर कार्रवाई
अधिकारी ने कहा, फिल्ममेकर्स ने सेंसर बोर्ड द्वारा सुझाए गए कट लागू नहीं किए और बाद में फिल्म का नाम बदलकर चुपचाप ओटीटी पर रिलीज कर दिया। चूंकि ओटीटी सेंसर बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता, इसलिए मामला सरकार के संज्ञान में आने पर जी 5 को फिल्म हटाने के लिए कहा गया। बता दें कि ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाले कंटेंट का नियमन केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड नहीं करता। यह सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थ दिशानिर्देश और डिजिटल मीडिया आचार संहिता) नियम, 2021 के भाग-3 के तहत संचालित होता है।
ईरानी फिल्ममेकर से की तुलना
फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने पर फिल्ममेकर अनुराग कश्यप ने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से लिखा है, ‘सतलुज, मैंने कभी नहीं सोचा था कि एक दिन हनी त्रेहान को वही स्थिति झेलनी पड़ेगी, जिसका सामना ईरान में जाफर पनाही को करना पड़ा था।’ बता दें कि जाफर पनाही को ईरान में अपनी फिल्मों और अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर सरकारी प्रतिबंधों, गिरफ्तारी और सेंसरशिप का सामना करना पड़ा था।
सोशल मीडिया पर शेयर की जा रही है फिल्म
फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बाद दिलजीत दोसांझ ने कहा, ‘मुझे कोई फिक्र नहीं है। मुझे लगा था फिल्म पहले ही हटा ली जाएगी। कई लोगों ने इस फिल्म को पहले ही डाउनलोड कर लिया है। जितना हो सके, फिल्म को शेयर करें और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं।’ दिलजीत का ये बयान सामने आने के बाद कई फैंस यूट्यूब और सोशल मीडिया पर फिल्म अपलोड कर रहे हैं।
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