Ashok Gehlot: पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने नीट पेपरलीक, मंहगाई और धर्म की राजनीति करने पर केंद्र सरकार, बीजेपी पर तंज कसा है। गहलोत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनटीए को भंग कर देना चाहिए और नीट राज्यों को सौंप देना चाहिए। वहीं पूर्व सीएम ने कहा कि ये लोग खाली हिंदू की बात करेंगे, चुनाव जीत जाएंगे, तो हिंदू की बात करते करते कब तक हिंदू भी इनको सहन करेगा। वो भी समझने लगे है हमें क्या मिल रहा है।
सीबीआई जांच हो
गहलोत ने कहा- जब आप बार बार पेपर लीक करवा रहे हो, रोक नहीं पा रहे हो, आप एग्जाम करा नहीं पा रहे हो। पहले राज्यों के पास यह अधिकार था, वापस राज्यों को दे देना चाहिए।जब तीनों बार पेपरलीक हुआ तो उसकी जांच क्यों नहीं करवाई। इनमें अगर हिम्मत है तो तीन साल के पेपरलीक की जांच सीबीआई से करानी चाहिए। जब 2026 नीट पेपरलीक की जांच सीबीआई को दी है तो 24,25 की जांच भी दे देनी चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान मानेसर कांड के मुख्य किरदार
धर्मेंद्र प्रधान के नीट ऑनलाइन करवाने की घोषणा पर गहलोत ने कहा- मैं इसमें अभी कुछ नहीं कह सकता। धर्मेन्द्र प्रधान तो हमारे लिए तो आप जानते ही हैं कि मानेसर कांड हुआ था, उसके अंदर धर्मेन्द्र प्रधान तो मैनेजमेंट के मुख्य किरदार थे। मैं कुछ भी बोलूंगा तो कहेंगे मेरे खिलाफ जानबूझकर बोल रहे हैं। गहलोत ने कहा- साल 2024, 25 और 26 तीनों बार नीट पेपर लीक हुआ है। पिछली बार उसका कई लोगों ने फायदा उठाया, वही लोग इस बार भी पेपर लीक करने में शामिल थे। ये तो सब जानते हैं कि इनके वक्त में कोई घोटाला हो जाए, इनके वक्त में पेपर लीक हो जाए, ओएमआर शीट का एक्पोज हो जाए लेकिन इनकी अप्रोच ऐसी है इन्हें जनता की कोई चिंता नहीं है।
हिंदू भी कब तक बर्दाश्त करेगा
गहलोत ने कहा- इनको गुड गवर्नेंस से कोई मतलब ही नहीं है। इनको मतलब है खाली हिंदू की बात करेंगे, चुनाव जीत जाएंगे, तो हिंदू की बात करते करते कब तक हिंदू भी इनको सहन करेगा। वो भी समझने लगे है हमें क्या मिल रहा है। हमारे नाम पर आप चुनाव जीतते हो, क्या आप हिंदुओं का भला कर रहे हो? हिंदू लोग तकलीफ में नहीं आते क्या जब महंगाई बढ़ती है? तो हिंदू भी आता है। पर इनकी अप्रोच धर्म के नाम पर राजनीति करने की है, यह बहुत खतरनाक है और डेमोक्रेसी के लिए खतरा है।
पीएम मोदी की अपील से ही लोग समझ गए
पेट्रोल, डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर गहलोत ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा- राहुल गांधी बंगाल चुनाव के पहले ही कह दिया था कि चुनाव खत्म होते ही कीमतें बढ़ेंगी। कीमतें बढ़ गई हैं। मोदीजी ने जनता से सात तरह के बचाव करने का जो आह्वान किया उससे भी लोग समझ गए थे कि अब कीमतें बढ़ने वाली हैं और बढ़ ही गईं। भार जनता पर ही डाला जा रहा है जबकि इनकी स्थिति बहुत मजबूत हो चुकी थी।
गरीब और मध्यमवर्ग विरोधी सोच
गहलोत ने कहा- पहले जब डॉ.मनमोहन सिंह पीएम थे, तब क्रूड के भाव 115 से 120 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ गए थे। तब भी इतनी कीमतें नहीं थी और मोदीजी उस वक्त महंगाई को लेकर बहुत ही चिल्ला रहे थे। खुद सत्ता में आए तो धीरे धीरे 60 डॉलर प्रति बैरल तक कीमतें आ गई थी। तब भी, उसके बाद में भी उन्होंने कीमतें कम नहीं की। वो कीमतें बनी रही। इनकी सोच जनता के खिलाफ है। पिछले 10- 12 साल में कीमतें घट सकती थी, जो डॉलर प्रति बैरल का जो इनको लाभ मिला था, बहुत बड़ा लाभ मिला। वो चाहते तो जनता को राहत दे सकते थे। इनकी सोच गरीब विरोधी ,मध्यम वर्ग विरोधी है। बड़े पूजीपतियों को क्या फर्क पड़ने वाला है?
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