Hormuz Strait Crisis: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ दो हफ्ते के सीजफायर को आगे बढ़ाने का ऐलान किया है. ट्रंप की तरफ से एकतरफा फैसला लिया गया है ताकि दोनों पक्षों को बातचीत के टेबल पर वापस लाया जा सके. इसी बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में बड़ी कार्रवाई की है. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने होर्मुज से दो कंटेनर जहाजों पर फायरिंग की, जिसके बाद कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया.
जहाजों को रोकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जंग शुरू होने के बाद पहला मौका है जब ईरान ने जहाजों को रोकने के लिए हथियारों का इस्तेमाल किया है. ईरानी सेना ने 3 जहाजों को निशाना बनाया है. इनमें से दो जहाजों को कब्जे में ले लिया गया. जबकि एक जहाज आगे निकलने में कामयाब रहा. ईरान की समाचार एजेंसी ने बताया कि IRGC ने साफ कर दिया है कि खाड़ी में व्यवस्था और सुरक्षा में किसी भी तरह का हस्तक्षेप ईरान के लिए रेड लाइन है.
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इन जहाजों को बनाया गया है निशाना?
EUPHORIA: इस तीसरे जहाज पर भी फायरिंग हुई, लेकिन यह सुरक्षित रूप से संयुक्त अरब अमीरात पहुंचने में कामयाब रहा.
EPAMINONDAS: लाइबेरिया के झंडे वाले इस ग्रीक जहाज पर रॉकेट और गोलियों से हमला किया गया, जिससे इसके कंट्रोल रूम को भारी नुकसान पहुंचा है. यह जहाज अब ईरानी सेना के कब्जे में है.
MSC FRANCESCA: पनामा झंडे वाले जहाज को जब्त कर लिया गया है. मोंटेनेग्रो सरकार ने इसकी पुष्टि की है जहाज पर मौजूद उनके चार क्रू मेंबर सुरक्षित हैं.
होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा
वहीं ईरान ने कहा कि मौजूदा हालात में होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा नहीं खोला जाएगा. ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकेर गालिबाफ ने कहा कि सीजफायर के उल्लंघन के बीच यह संभव नहीं है. गालिबाफ का आरोप है कि अमेरिकी नाकेबंदी ईरानी बंदरगाहों को निशाना बना रही है और यह वैश्निक अर्थव्यवस्था को बंधन बनाने जैसा है. पूरे तरह से सीजफायर तभी संभव है जब नाकेबंदी खत्म हो.



