Islamabad: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्थान की मध्यस्थता की भूमिका अब विवादों में है। ईरानी मीडिया ने सीधे तौर पर पाकिस्थानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर पर ‘ट्रंप– पस्सती‘ और अमेरिका के पक्ष में झुकाव का आरोप लगाया है। पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने का दावा करने वाला पाकिस्थान अब ‘भरोसे के संकट’ के बादल मंडरा रहे हैं। ईरानी मीडिया ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और वहां की सरकार पर अमेरिका के हितों को साधने का गंभीर आरोप लगाया है।तेहरान का मानना है कि इस्लामाबाद निष्पक्ष रहने के बजाय वॉशिंगटन की ‘बी-टीम’ के रूप में काम कर रहा है। 5 मुख्य कारण, जिनकी वजह से ईरान अब पाकिस्तान पर ‘डबल गेम’ का आरोप लगा रहा है
1. निष्पक्षता की कसौटी पर फेल
ईरानी सरकारी मीडिया ने पहली बार खुलकर पाकिस्तान की मंशा पर सवाल उठाए हैं। कूटनीति का बुनियादी नियम है कि मध्यस्थ को दोनों पक्षों के बीच तटस्थ होना चाहिए, लेकिन तेहरान को लग रहा है कि पाकिस्तान इस संतुलन को बनाए रखने में पूरी तरह विफल रहा है।
2. अमेरिका के प्रति स्पष्ट झुकाव
ईरान का सबसे बड़ा आरोप यह है कि फील्ड मार्शल आसिम मुनीर कूटनीतिक स्तर पर अमेरिका के एजेंडे को आगे बढ़ा रहे हैं। ईरान का दावा है कि पाकिस्तान का पूरा ‘नैरेटिव’ वॉशिंगटन के पक्ष में है, जिससे मध्यस्थता की विश्वसनीयता खत्म हो गई है।
3. ‘मिसिंग’ शांति प्रस्ताव और संचार की कमी
रिपोर्ट्स के अनुसार, आसिम मुनीर हाल ही में तेहरान से एक शांति प्रस्ताव लेकर लौटे थे, जिसे अमेरिका तक पहुँचाया जाना था। ईरान का कहना है कि इस प्रस्ताव पर अब तक अमेरिका की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इससे शक पैदा हो गया है कि क्या पाकिस्तान ने ईरान का संदेश सही तरीके से वॉशिंगटन तक पहुँचाया भी है या नहीं।
4. ‘डबल गेम’ का आरोप
ईरानी मीडिया ने पाकिस्तान की रणनीति को ‘डबल गेम’ करार दिया है। तेहरान के मुताबिक, पाकिस्तान एक तरफ दुनिया के सामने खुद को ‘शांतिदूत’ के रूप में पेश कर रहा है, तो दूसरी तरफ पर्दे के पीछे से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ मिलकर ईरान पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है।
5. बढता अविश्वास और वार्ता पर संकट
इन आरोपों का सीधा असर शांति वार्ता (Islamabad) पर पड़ा है।सीजफायर की मियाद खत्म होने के बावजुद दुसरे दौर की बैठक तय नहीं हो पाई है। ईरान को लगता है कि पाकिस्तान उसकी शर्तों को नजरअंदाज कर रहा है और बातचीत का सिर्फ दिखावा कर रहा है।
पाकिस्तान के लिए यह स्थिति कूटनीतिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण है। एक तरफ उसे अपनी जर्जर अर्थव्यवस्था के लिए अमेरिका का साथ चाहिए(Islamabad), वहीं दूसरी तरफ पड़ोसी देश ईरान से बिगाड़ना उसके लिए भारी पड़ सकता है। आसिम मुनीर पर लगे इन आरोपों ने पाकिस्तान की ‘पीस मेकर’ वाली छवि को गहरा नुकसान पहुँचाया है।



