Middle East war: मिडिल ईस्ट में युद्ध लगातार जारी है. अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष 25वें दिन में एंट्री ले चुका है. इस बीच राज्यसभा में आज(24 मार्च) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वेस्ट एशिया में युद्ध शुरू हुए 3 हफ़्ते से ज़्यादा हो गए हैं. युद्ध की वजह से दुनिया में गंभीर एनर्जी संकट पैदा हो गया है. भारत के लिए भी यह स्थिति चिंता की बात है. युद्ध की वजह से हमारे ट्रेड रूट पर असर पड़ा है. इससे पेट्रोल, डीज़ल, गैस और फर्टिलाइज़र की रेगुलर सप्लाई पर असर पड़ा है. लगभग 1 करोड़ भारतीय खाड़ी देशों में रहते और काम करते हैं. उनकी जान और रोजी-रोटी की सुरक्षा भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता की बात है. होर्मुज स्ट्रेट में कई जहाज फंसे हुए हैं. बड़ी संख्या में भारतीय क्रू मेंबर उन जहाजों पर फंसे हुए हैं. यह भी भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है. ऐसे मुश्किल हालात में, यह ज़रूरी है कि भारत का अपर हाउस शांति और बातचीत के लिए एक साथ आवाज़ उठाए.
“किसी की भी जान को खतरा इंसानियत के हित में नहीं”
PM मोदी ने आगे कहा कि मैंने ज़्यादातर वेस्ट एशियाई देशों के हेड्स ऑफ़ स्टेट्स से 2 बार बात की है. हम सभी गल्फ़ देशों के साथ लगातार बातचीत कर रहे हैं। हम ईरान, इज़राइल और US के साथ भी बातचीत कर रहे हैं. हमारा मकसद बातचीत और डिप्लोमेसी के ज़रिए इस इलाके में शांति फिर से लाना है. हमने उनसे डी-एस्केलेशन और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ को खोलने के बारे में भी बात की है. कमर्शियल जहाज़ों पर हमले और स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ जैसे इंटरनेशनल समुद्री रास्ते में रुकावट मंज़ूर नहीं है. भारत ने आम लोगों, सिविल इंफ्रास्ट्रक्चर और एनर्जी और ट्रांसपोर्ट से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का विरोध किया है. भारत युद्ध के इस समय में भी भारतीय जहाज़ों के सुरक्षित आने-जाने के लिए लगातार कोशिश कर रहा है. इस संकट के हल के लिए भारत ने बातचीत का सुझाव दिया है. इस युद्ध में किसी की भी जान को खतरा इंसानियत के हित में नहीं है. इसलिए भारत की कोशिश सभी पार्टियों को शांतिपूर्ण हल के लिए बढ़ावा देने की रही है.
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“भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज़रूरी”
राज्यसभा में प्रधानमंत्री ने कहा कि संकट की इस स्थिति में दुनिया भर में भारतीयों की सुरक्षा हमारे लिए सबसे ज़रूरी है. अब तक 3,75,000 से ज़्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौट आए हैं. अकेले ईरान से 1000 से ज़्यादा भारतीय लौटे हैं. इनमें से 700 से ज़्यादा मेडिकल स्टूडेंट हैं. संकट की इस घड़ी में, हमारी सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ काम कर रही है. सभी देशों ने वहां भारतीयों की सुरक्षा का भरोसा दिया है. हालांकि, यह दुख की बात है कि हमलों में कुछ भारतीयों की मौत हो गई और कुछ दूसरे घायल हो गए. प्रभावित परिवारों को हर ज़रूरी मदद दी जा रही है. घायलों का अच्छा इलाज पक्का किया जा रहा है.



